
Ahmedabad. शहर क्राइम ब्रांच की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय बाल तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम की मदद से एक महिला सहित तीन आरोपियों को अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास से पकड़ा है। इनके पास से 15 दिन के नवजात शिशु (बालक) को मुक्त कराया है।
क्राइम ब्रांच के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) भरत पटेल ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि पकड़े गए आरोपियों में वंदना पंचाल (34) मूलरूप से उत्तरप्रदेश के अयोध्या भीटी बाजार की निवासी है, हाल अहमदाबाद में ओढव की मुकेशनगर सोसाइटी में रहती है। रोशन उर्फ सज्जन अग्रवाल (42) मूलरूप से राजस्थान के झुंझुनू जिले की खेतड़ी तहसील के नालपुर का निवासी है। फिलहाल तेलंगाना हैदराबाद के मीर पेट में हनुमान मंदिर के पास अलमास गुडा में रहता है। सुमित यादव (27) मूलरूप से उत्तरप्रदेश के सुल्तानपुर जिले के लोहरा मऊ का निवासी है। अहमदाबाद में फिलहाल वटवा के बीजल होम्स में रहता है।
पटेल ने बताया कि बुधवार को गुजरात एटीएस की टीम से क्राइम ब्रांच को पुख्ता सूचना मिली कि एक बाल तस्कर गिरोह बालक को हिम्मतनगर से लेकर अहमदाबाद की ओर आ रहा है। एयरपोर्ट होते हुए, हैदराबाद जाने वाला है। इसके आधार पर टीम ने कोतरपुर पंपिंग स्टेशन के पास वॉच रखी और जैसे ही बताई गई संदिग्ध कार गुजरी उसे कॉर्डन कर रोक लिया। कार से एक महिला, एक 15 दिन का नवजात बालक, ड्राइवर और दो अन्य व्यक्ति मिले। कार के ड्राइवर मौलिक दवे से भी पूछताछ चल रही है।
क्राइम ब्रांच के तहत आरोपियों की पूछताछ में सामने आया कि वंदना, रोशन और सुमित ने साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर के पास एक यूनुस नाम के व्यक्ति से इस नवजात बालक को 3.60 लाख रुपए में खरीदा है। इस नवजात को लेकर यह हैदराबाद जा रहे थे। हैदराबाद में एजेंट नागराज को यह बच्चा बेचने वाले थे। सही समय पर सूचना मिलने से बालक को इनके चंगुल से मुक्त करा लिया है। इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके विरुद्ध जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और बीएनएस की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। बालक को देखरेख के लिए बाल स्वास्थ्य अधिकारी को सौंप दिया है। बालक की मां कौन है उसकी जांच की जा रही है।
एसीपी भरत पटेल ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया कि पकड़े गए तीन में से दो आरोपियों रोशन अग्रवाल और वंदना पंचाल पहले भी बाल तस्करी में पकड़े जा चुके हैं। वर्ष 2025 में इन दोनों को हैदराबाद के चैतन्यपुरी थाना क्षेत्र में बाल तस्करी के आरोप में पकड़ा गया था। इनके पास से तीन नवजात को बचाया गया था। उस केस में जमानत पर यह दोनों छूटे थे। उसके बाद फिर से इन्होंने बाल तस्करी का काम शुरू कर दिया।
एसीपी पटेल ने बताया कि आरोपियों के पास से हैदराबाद पुलिस ने जिन तीन बच्चों को बचाया था, उनमें से एक के अहमदाबाद के होने की बात सामने आ रही है। इस मामले में हिम्मतनगर के यूनुस और हैदराबाद के नागराज को पकड़ने के लिए तीन टीमें जुटी हैं। हैदराबाद पुलिस से भी टीम संपर्क में है।
क्राइम ब्रांच के एसीपी ने बताया कि आशंका है कि यह गिरोह गुजरात में साबरकांठा और बनासकांठा जिले के आसपास के क्षेत्र में सक्रिय है। इसने कई और बच्चों को इस प्रकार से बेचा हो सकता है। इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, उसकी जांच जारी है।
Published on:
29 Jan 2026 09:57 pm
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