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अहमदाबाद, Jun 07, 2026

Gujarat : भीषण गर्मी के बीच गुजरात के बांधों में 51 फीसदी से ज्यादा जल संग्रह

गुजरात में मानसून की दस्तक से पहले जल संग्रह की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। राज्य के सबसे बड़े सरदार सरोवर (नर्मदा) सहित कुल 207 प्रमुख बांधों में वर्तमान में 12,969.29 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी संग्रहित है, जो इन बांधों की कुल संग्रह क्षमता का 51.35 प्रतिशत है। खास बात यह है कि पिछले वर्ष 7 मई इन बांधों में 11417.95 एमसीएम पानी था। इसका मतलब इस बार 1551.34 एमसीएम अधिक जल संग्रह दर्ज किया गया है।

Dam of Gujarat

नर्मदा बांध (फाइल फोटो)

Gujarat : गुजरात में मानसून की दस्तक से पहले जल संग्रह की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। राज्य के सबसे बड़े सरदार सरोवर (नर्मदा) सहित कुल 207 प्रमुख बांधों में वर्तमान में 12,969.29 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी संग्रहित है, जो इन बांधों की कुल संग्रह क्षमता का 51.35 प्रतिशत है। खास बात यह है कि पिछले वर्ष 7 मई इन बांधों में 11417.95 एमसीएम पानी था। इसका मतलब इस बार 1551.34 एमसीएम अधिक जल संग्रह दर्ज किया गया है।

राज्य के जल संसाधन एवं कल्पसर विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अकेले सरदार सरोवर नर्मदा बांध में 6452.20 एमसीएम पानी उपलब्ध है, जो इसकी कुल क्षमता का 68.21 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इस अवधि तक यहां 5153.52 एमसीएम पानी था। नर्मदा बांध में ही इस बार करीब 1299 एमसीएम अधिक जल संग्रह है।

दक्षिण गुजरात के बांधों में सबसे ज्यादा

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो दक्षिण गुजरात के 13 प्रमुख बांधों में सबसे अधिक 3507.78 एमसीएम पानी संग्रहित है, हालांकि यह उनकी कुल क्षमता का 40.77 प्रतिशत है। इसके बाद मध्य गुजरात के बांधों में 1252.24 एमसीएम पानी है जो कुल क्षमता का 53.35 फीसदी है।उत्तर गुजरात में 843.91 एमसीएम पानी उपलब्ध है। 43.67 फीसदी सौराष्ट्र क्षेत्र के 141 बांधों में 817.03 एमसीएम जल संग्रहित है जो कुल क्षमता का 31.57 प्रतिशत है वहीं कच्छ के 20 बांधों में 96.13 एमसीएम जल संग्रह है जो कुल क्षमता का 29.55 फीसदी है।

24 घंटे में अधिकांश बांधों के जलस्तर में मामूली गिरावट

हालांकि बीते 24 घंटे में राज्य के अधिकांश बांधों के जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। कुल संग्रह में 46.76 एमसीएम की कमी आई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून शुरू होने से पहले उपलब्ध यह भंडारण राज्य की पेयजल और सिंचाई आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त माना जा सकता है। जल संसाधन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल की तुलना में बेहतर जल संग्रह के कारण इस वर्ष गर्मी के अंतिम दौर में पानी की किल्लत की आशंका काफी हद तक कम हुई है। अब आने वाले दिनों में मानसूनी बारिश शुरू होने के साथ बांधों में जलस्तर और बढ़ने की उम्मीद है।

66 बांधों में 10 फीसदी से कम संग्रह, 11 में बिल्कुल नहीं

मानसून की दस्तक से पहले भले ही गुजरात के 207 प्रमुख बांधों में कुल जल संग्रह पिछले वर्ष की तुलना में 1,551.34 एमसीएम अधिक होकर 12,969.29 एमसीएम तक पहुंच गया हो, लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू भी चिंता बढ़ाने वाला है। राज्य के 66 बांध ऐसे हैं, जिनमें फिलहाल 10 फीसदी से भी कम पानी बचा है, जबकि 11 बांध पूरी तरह खाली पड़े हैं और उनमें जल संग्रह शून्य है। वैसे देखा जाए तो सबसे चिंता की स्थिति सौराष्ट्र, कच्छ क्षेत्र के छोटे एवं मध्यम बांधों में है।

किस क्षेत्र में कितना पानी

क्षेत्र -बांधों की संख्या- कुल क्षमता (एमसीएम) -वर्तमान जल संग्रह (एमसीएम)- भराव (%)

उत्तर गुजरात- 15- 1932.69 -843.91- 43.67

मध्य गुजरात- 17 -2347.37- 1252.24- 53.35

दक्षिण गुजरात -13- 8603.71- 3507.78- 40.77

कच्छ- 20 325.26-96.13 -29.55

सौराष्ट्र 141 2588.53 817.03 31.56

सरदार सरोवर -- 9460.00 -6452.20 -68.21

कुल - 207 -25257.56- 12969.29- 51.35

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