
पालनपुर. गुजरात के पवित्र तीर्थधाम अंबाजी के प्रवेश द्वार के समान त्रिशूलिया घाट पर शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 16 फीट ऊंचे दिव्य अखंड शक्ति त्रिशूल का अनावरण किया। इस अवसर पर ऋषिकुमारों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत अनुष्ठान किया।
हिमालय की 1500 वर्ष पुरानी पौराणिक ऊर्जा को गुजरात की धरती पर लाने वाले इस प्रकल्प ने अंबाजी की भव्यता में नया अध्याय जोड़ा है। यह त्रिशूल उत्तरकाशी स्थित पौराणिक शक्ति त्रिशूल की प्रथम प्रतिकृति है। मान्यता है कि इसी दिव्य त्रिशूल से माता दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया था। मूल 18 फीट के त्रिशूल की तुलना में यहां 16 फीट की प्रतिकृति स्थापित की गई है, जो शक्ति उपासकों के लिए परम श्रद्धा का केंद्र बनेगी।
पूर्व में दुर्घटना जोन माने जाने वाले त्रिशूलिया घाट को अब ‘रोलर क्रैश बैरियर’ जैसी अत्याधुनिक कोरियन तकनीक से सुरक्षित बनाया गया है। इस सुरक्षित मार्ग पर दिव्य त्रिशूल की स्थापना से यह क्षेत्र सुरक्षा और संस्कृति का प्रतीक बन गया है। यह प्रकल्प अहमदाबाद के जय भोले ग्रुप के सहयोग, बनासकांठा जिला कलक्टर मिहिर पटेल और अंबाजी देवस्थान ट्रस्ट के संयुक्त प्रयासों से साकार हुआ है। यहां यात्रियों के लिए ऑडियो-वीडियो फिल्म के माध्यम से महिषासुर मर्दिनी की कथा और शक्ति पीठ का महत्व भी प्रदर्शित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को अंबाजी में जगत जननी मां अंबा के दर्शन कर मां के चरणों में शीश झुकाए। उन्होंने राज्य की शांति, समृद्धि और कल्याण के लिए प्रार्थना की।
Published on:
07 Feb 2026 09:59 pm
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