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Ajmer: सरकारी डिस्पेंसरी में एक्सपायरी डेट की सिरप मरीज को थमाई, सतर्कता से बची जान

Expired Medicine Case: अजमेर जिले में किशनगढ़ के हाउसिंग बोर्ड स्थित सरकारी डिस्पेंसरी में लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

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सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ

सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ

Expired Medicine Case: अजमेर जिले में किशनगढ़ के हाउसिंग बोर्ड स्थित सरकारी डिस्पेंसरी में लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मसूड़ों के दर्द से परेशान एक मरीज को नि:शुल्क दवा काउंटर से 43 दिन पहले अवधिपार हो चुकी सिरप दवा थमा दी गई। यह तो गनीमत रही कि मरीज ने घर जाने से पहले दवा की तारीख जांच ली, जिससे एक संभावित अनहोनी टल गई।

यह है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार राजारेडी निवासी एक मरीज को मसूड़ों में दर्द के चलते सरकारी डिस्पेंसरी आया था। डॉक्टर ने जांच के बाद टैबलेट और एक सिरप लिखी और नि:शुल्क दवा वितरण केंद्र से मरीज को संबंधित दवाइयां दे दी गईं। काउंटर से लौटने से पूर्व मरीज ने एहतियातन दवा की पैकिंग पर अंकित एक्सपायरी डेट देखी तो सकते में आ गए। सिरप पर एक्सपायरी डेट 1 जनवरी 2026 दर्ज थी, यानी दवा को एक्सपायर हुए 43 दिन बीत चुके थे लेकिन फिर भी धड़ल्ले से काउंटर से दवा का वितरण किया जा रहा था।

आपत्ति पर मचा हड़कंप

मरीज की ओर से आपत्ति दर्ज कराने पर निशुल्क दवा केंद्र पर मौजूद फार्मासिस्ट बगले झांकने लगे। पूरे प्रकरण में सवाल यह उठता है कि यदि यही सिरप कोई अशिक्षित शख्स उपयोग में ले लेता तो सिरप के दुष्प्रभाव से मरीज को बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता था। ऐसे में इस पूरे मामले में जिम्मेदार कौन होता।

सिस्टम पर उठे सवाल

एक्सपायरी डेट की दवा वितरण से फिलहाल कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में दवा स्टॉक की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डिस्पेंसरी आए लोगों का कहना था कि निशुल्क वितरण केंद्रों पर दवाओं के स्टॉक की नियमित जांच और स्टॉक ऑडिट अनिवार्य होना चाहिए। एक्सपायरी दवाओं के वितरण से मरीजों की जान से खुलेआम खिलवाड़ हो रहा है जो गलत है।

मरीज की सतर्कता से टली अनहोनी

किशनगढ़ स्थित सरकारी डिस्पेंसरी में एक्सपायरी डेट की दवा वितरण में मरीज की सतर्कता के चलते बड़ी अनहोनी टल गई लेकिन स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दवा स्टॉक की तुरंत जांच कराने और जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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लव सोनकर

लव सोनकर

लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...


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