
शाला संबलन अभियान के तहत स्कूलों के निरीक्षण नहीं करने पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने पर सीडीईओ कार्यालय ने जिले के 16 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। दिसंबर में अलवर जिले में 70 प्रतिशत से अधिक निरीक्षण किए गए। इसमें 65 प्रतिशत से कम निरीक्षण करने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
नोटिस पाने वालों में डाइट प्राचार्य ओम प्रकाश, वरिष्ठ व्याख्याता अनुरिता झा, योगमाया सैनी, प्रोग्राम ऑफिसर पुष्पेंद्र सिंह यादव शामिल हैं। इसके अलावा रामगढ़ के सीबीईओ कार्यालय के आरपी श्याम लाल व आरपी जितेंद्र मोदी शामिल हैं। उमरैण ब्लॉक की राउमावि दिवाकरी, घटाला व शिवाजी पार्क, भनोखर ब्लॉक के जटवाड़ा, गोविंदगढ़ ब्लॉक के नश्वारी, मालाखेड़ा ब्लॉक के महात्मा गांधी स्कूल भरखेड़ा, रैणी के कानेटी तथा थानागाजी ब्लॉक के बामणबास चौगान व किशोरी के पीईईओ को नोटिस जारी किए गए हैं।
अभियान के तहत जिला, ब्लॉक, पीईईओ व यूसीईईओ स्तर के अधिकारियों को शाला संबलन मोबाइल ऐप के माध्यम से स्कूलों का नियमित अवलोकन करना अनिवार्य था। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को एप पर टिकिट के रूप में दर्ज कर तय समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करना था।
विभाग की ओर से इसके लिए लगातार बैठकें, वीडियो कॉन्फ्रेंस, दूरभाष निर्देश और व्हाट्सएप अनुस्मारक भी भेजे गए, लेकिन इसके बावजूद कई अधिकारियों ने न तो समय पर निरीक्षण किया और न ही लंबित टिकिट्स का समाधान किया। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में जवाबदेही को लेकर हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजरें नोटिस के जवाब और आगे की विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं।
Published on:
30 Jan 2026 12:03 pm
बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
