
मृत ST-28 (फोटो - पत्रिका)
अलवर सरिस्का टाइगर रिजर्व में 10 दिन पहले मृत मिली बाघिन एसटी-28 की मौत की असली वजह क्या है? इसकी जांच सरकार के स्तर पर शुरू हो गई है। सरिस्का प्रशासन ने मौत के जो कारण बताए, उन पर वन्यजीव प्रेमियों और विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं।
इनका कहना है कि घुटने पर चोट लगने से बाघिन की मौत नहीं हो सकती। साथ ही मां-बेटी की फाइट भी टेरेटरी बनाने के बाद नहीं हो सकती। बाघिन एसटी-28 का शव 2 फरवरी को मिला था। सरिस्का प्रशासन ने इस बाघिन की मौत उसी दिन होना बताया है, साथ ही अंतिम संस्कार भी आनन-फानन में किया गया। इस मुद्दे को राजस्थान पत्रिका ने उठाया। अब यह मामला चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जयपुर केसीए अरुण प्रसाद के पास पहुंच गया है।
एक्सपर्ट कहते हैं कि मृत बाघिन का बिसरा कहां से और कब लिया गया? यह जांच में महत्वपूर्ण रोल अदा करेगा। बिसरा जांच जयपुर से होनी है। अब तक यह रिपोर्ट सामने नहीं आई है। चूंकि केन्द्रीय वन मंत्री भूपेन्द्र यादव और राजस्थान के वन राज्यमंत्री संजय शर्मा, दोनों का चुनाव क्षेत्र अलवर है, इसलिए बाघिन की मौत की असली वजह सामने आनी चाहिए।
पत्रिका ने बाघिन एसटी-28 की मौत को लेकर जो रिपोर्ट प्रकाशित की है, उसकी जांच कर रहे हैं। यदि जरूरत होगी, तो उच्च स्तरीय कमेटी बनाएंगे - केसीए अरुण प्रसाद, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जयपुर
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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
Published on:
13 Feb 2026 11:47 am
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