4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरिस्का में 6 से 8 फरवरी तक बाघ-चीता संरक्षण पर होगी राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला

अलवर जिले के सरिस्का टाइगर रिजर्व में 6 से 8 फरवरी तक बाघ और चीता संरक्षण को लेकर राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

less than 1 minute read
Google source verification

अलवर

image

Umesh Sharma

Feb 03, 2026

अलवर जिले के सरिस्का टाइगर रिजर्व में 6 से 8 फरवरी तक बाघ और चीता संरक्षण को लेकर राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसमें देश के 58 टाइगर रिजर्व क्षेत्रों के निदेशक और 18 राज्यों के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक हिस्सा लेंगे। कार्यशाला में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और वन राज्य मंत्री संजय शर्मा भी शिरकत करेंगे।

आम बजट में इंटरनेशनल कैट अलायंस की स्थापना को हरी झंडी मिलने के बाद यह कार्यशाला और भी अहम मानी जा रही है। इसके तहत सैटेलाइट और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से टाइगर, लेपर्ड, चीता सहित अन्य वन्यजीवों की निगरानी को लेकर रणनीति पर चर्चा होगी।

सरिस्का के क्षेत्रीय निदेशक संग्राम सिंह ने बताया कि कार्यशाला के दौरान रेस्क्यू के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा और प्रोजेक्ट चीता की वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन भी किया जाएगा। तकनीकी सत्रों में मानव-बाघ संघर्ष, अखिल भारतीय बाघ आकलन 2026 और बाघ आबादी के सक्रिय प्रबंधन जैसे अहम विषयों पर मंथन होगा।

कार्यक्रम के तहत 7 फरवरी को सिलीसेढ़ झील, जिसे हाल ही में रामसर साइट घोषित किया गया है, वहां पहली बार बर्ड फेस्टिवल आयोजित होगा। वहीं 8 फरवरी को अलवर टाइगर मैराथन के जरिए बाघ संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाई जाएगी।