
फाइल फोटो-पत्रिका
अलवर: कोटपूतली-बहरोड़ जिले के किसानों के लिए सौर ऊर्जा वरदान साबित हो रही है। पीएम कुसुम योजना के तहत खेतों में लगाए गए सौर ऊर्जा संयंत्रों से अब किसान दिन के समय फसलों की सिंचाई कर पा रहे हैं। विद्युत निगम के सहयोग से लगाए गए इन संयंत्रों से न केवल स्वयं के खेतों को बिजली मिल रही है, बल्कि अन्य किसानों को भी दिन में बिजली सप्लाई की जा रही है।
जिले में महज एक माह के भीतर 14 मेगावॉट क्षमता के 8 सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू किए गए हैं। इन संयंत्रों से जिले के करीब 1110 किसान दोपहर के समय खेतों में विभिन्न फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। इससे किसानों को रात में बिजली की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ रही है।
विद्युत निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार पीएम कुसुम योजना के कम्पोनेंट ए, बी और सी के तहत शुरू हुए 8 सौर संयंत्रों में से 6 संयंत्र बहरोड़ डिवीजन में लगाए गए हैं। इनसे नियमित बिजली उत्पादन शुरू हो चुका है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है।
खेतों में सौर पैनल लगवाने वाले किसानों को देखकर जिले के अन्य किसान भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बहरोड़, बानसूर और कोटपूतली डिवीजन में बड़ी संख्या में किसान सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाकर बिजली उत्पादन कर रहे हैं। कई स्थानों पर नए संयंत्रों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
विद्युत निगम की ओर से जिले के 33 केवी जीएसएस और 11 केवी फीडरों को सौर ऊर्जा संयंत्रों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को अधिकतम बिजली दिन के समय उपलब्ध कराना है। निगम ने अगले वर्ष तक जिले के सभी किसानों को दोपहर में बिजली सप्लाई देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
गांव क्षमता (मेगावॉट) लाभान्वित किसान
नारेड़ा 0.92 78
नारेड़ा खड़ब 0.81 65
शाहजहांपुर 1.72 199
रायसराणा 2.00 349
झगड़ेंत कलां 2.00 228
कायसा 2.83 200
हुडिया जैतपुर 2.20 198
गण्डाला 1.60 142
(क्षमता मेगावॉट में, स्रोत: विद्युत निगम)
सौर ऊर्जा के नए प्लांट शुरू होने से किसानों को अब दिन में बिजली मिलने लगी है। अगले साल तक जिले के सभी किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने की योजना है।
Updated on:
01 Feb 2026 04:36 pm
Published on:
01 Feb 2026 04:35 pm
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