SI Re-examination 2021: बचपन में रखे पताशी, ढगलाराम और शैंपू जैसे कई नाम से युवक-युवतियों को शर्म महसूस हो रही है। ऐसे कई अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने राजस्थान लोक सेवा आयोग की सब इंस्पेक्टर भर्ती पुन: परीक्षा 2021 के फॉर्म में जरूरी सुधार और अपडेट करने के दौरान नए नाम रखने के एफिडेविट दिए हैं।
SI Re-examination 2021: बचपन में रखे पताशी, ढगलाराम और शैंपू जैसे कई नाम से युवक-युवतियों को शर्म महसूस हो रही है। ऐसे कई अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने राजस्थान लोक सेवा आयोग की सब इंस्पेक्टर भर्ती पुन: परीक्षा 2021 के फॉर्म में जरूरी सुधार और अपडेट करने के दौरान नए नाम रखने के एफिडेविट दिए हैं। आयोग ने भी विधिक प्रक्रिया अपनाते हुए इन्हें स्वीकार किया है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की रद्द हुई एसआइ-प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा-2021 में 3 लाख 83 हजार 097 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इन्हीं अभ्यर्थियों को आयोग ने 16 से 30 मई तक पूर्व में भरे गए फॉर्म में मोबाइल नंबर, ईमेल एड्रेस, पत्राचार का पता, लाइव फोटो, थम्ब इंप्रेशन और हस्ताक्षर अपडेट करने का मौका दिया।
संशोधन प्रक्रिया के दौरान आयोग को कई अभ्यर्थियों ने नाम परिवर्तन से जुड़े एफिडेविट दिए। शैंपू, ढगलाराम, पताशी, गोमती, इलायची, अचरज, धन्ना, रेणी,घीसा, छैलू सहित अन्य पुराने नाम उन्हें पसंद नहीं आए। गजट नोटिफिकेशन और एफिडेविट से जुड़ी विधि प्रक्रिया अपनाकर उन्होंने अपने आधुनिक बोलचाल के नाम रख लिए।
नाम बदलने के लिए प्रस्तुत किए नोटिफिकेशन और स्टाम्प आयोग ने भी विधिक प्रक्रिया अपनाते हुए स्वीकार किए हैं। अब ऐसे अभ्यर्थी संशोधित-परिवर्तित नाम से परीक्षा में शामिल होंगे। सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि 20 सितम्बर को कराए जाने वाली एसआई भर्ती परीक्षा- 2021 में 3 लाख 83 हजार 097 अभ्यर्थी शामिल होंगे। यह वह अभ्यर्थी होंगे जो पूर्व में 13 से 15 सितम्बर 2021 तक आयोजित लिखित परीक्षा में शामिल हुए थे।
शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के कचरूमल, गोबरी बाई, बावरी देवी, फूटाराम… जैसे अटपटे नामों को बदलने की कवायद शुरू की है। दरअसल, गांवों में बच्चों के माता-पिता ऐसे अटपटे नाम रख देते हैं, लेकिन जब स्कूल में ऐसे बच्चों के नाम पुकारते हैं तो साथी उसका मजाक उड़ाते हैं। जिससे वे शर्मिंदा महसूस करते हैं।
शिक्षामंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर विभाग ने ऐच्छिक रूप से ऐसे अटपटे नाम बदलने की कार्यवाही शुरू की है। स्कूलों में ऐसे नामों के संशोधन के लिए ‘सार्थक नाम’ अभियान शुरू किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने 1400 छात्रों और 1500 छात्राओं के ऐसे नामों की सूची तैयार की है। जिसे संबंधित स्कूलों में भेजी जाएगी।