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NEET के बाद अब MP में परीक्षा कैंसिल, वनरक्षक भर्ती परीक्षा रद्द, छात्रों ने किया विरोध

MP Forest Guard Recruitment Exam 2026: रविवार को मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) द्वारा आयोजित की गई वनरक्षक, क्षेत्ररक्षक, जेल प्रहरी एवं सहायक जेल अधीक्षक भर्ती परीक्षा 2026 की परीक्षा तकनिकी कारणों की वजह से स्थगित कर दी गई।

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After NEET MP Forest Guard Recruitment Exam 2026 Cancelled (फोटो-Patrika.com)

MP Forest Guard Recruitment Exam 2026: देशभर में नीट-यूजी 2026 परीक्षा (NEET-UG Exam 2026) के पेपर लीक और रद्द होने का मामला अभी ठंडा अभी नहीं हुआ था कि अब मध्य प्रदेश में परीक्षा रद्द कर दी गई। रविवार को मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) द्वारा वनरक्षक, क्षेत्ररक्षक, जेल प्रहरी एवं सहायक जेल अधीक्षक भर्ती परीक्षा 2026 की परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में देने के लिए लाखों युवा अलग-अलग जिलों से पहुंचे थे लेकिन भोपाल के निजी कॉलेज स्थित एग्जाम सेंटर में वनरक्षक, क्षेत्ररक्षक और जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा की दूसरी पाली (दोपहर 02.30 से शाम 04.30 बजे तक) तकनीकी खराबी के कारण अचानक रद्द कर दी गई। दूर दराज से आए नाराज छात्रों ने कॉलेज के बाहर जमकर हंगामा किया और जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही निशातपुरा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को समझाइश दी।

अब 20 जून को होगी परीक्षा, MPESB ने जारी किया आदेश

इसके बाद मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) ने एक आदेश जारी किया जिसमें कहा गया कि 7 जून , 2026 को स्थगित की गई परीक्षा अब 20 जून को आयोजित की जाएगी। आदेश के अनुसार,'परीक्षा के दौरान तकनीकी समस्या होने के कारण अभ्यर्थियों के हित को दृष्टिगत रखते हुए उक्त परीक्षा को स्थगित किया गया है। आदेश में बताया गया कि अब यह परीक्षा शनिवार 20 जून को पहली शिफ्ट सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे में आयोजित की जाएगी। एमपीईइसबी के आदेश में छात्रों को बताया गया कि दोबारा हो रही परीक्षा के एडमिट कार्ड मंडल की वेबसाईट से डाउनलोड कर सकते हैं।

MPESB का आदेश

गुस्से में अभ्यर्थी, जवाबदेही तय करने की राखी मांग

परीक्षा के रद्द होते ही कई किलोमीटर दूर से परीक्षा देने आए छात्रों का गुस्सा फुट पड़ा। छात्रों ने आरोप लगाया परीक्षा को स्थगित करने को लेकर बोर्ड ने कोइ स्पष्ट जानकारी नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि परीक्षा के अचानक रद्द होने के वजह से जो उनका समय और पैसा बर्बाद हुआ है उसकी भरपाई कौन करेगा? छात्रों ने परीक्षा केंद्र में बेसिक सुविधाओं के कमी होने का भी आरोप लगाया। छात्रों ने कहा कि उन्हें सुबह से भूखा-प्यासा बैठकर परेशान किया गया। परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। छात्रों ने कहा कि तकनीकी खामी के लिए जिम्मेदार एजेंसी और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।