Madhoo Shah Nana Patekar: 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री मधु शाह ने नाना पाटेकर को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि नाना ने उन्हें शूटिंग करते समय सच में जोरदार थप्पड़ मारा था, और उन्हें इतना गुस्सा आया कि उन्होंने भी पलटकर एक थप्पड़ मार दिया। आइये जानते हैं आखिर ऐसा क्यों हुआ था इसका एक बड़ा कारण भी एक्ट्रेस ने बताया है।
Madhoo Shah Nana Patekar slap controversy: साल 1992 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'रोजा' से मधु शाह रातों-रात देश भर में छा गई थीं। लाखों दिलों पर राज करने वाली दिग्गज अभिनेत्री इन दिनों अपने खुलासे को लेकर सुर्खियों में हैं, उन्होंने मशहूर और कड़क अभिनेता नाना पाटेकर को लेकर एक बेहद हैरान कर देने वाली बात बताई है। मधु ने बताया कि साल 1997 में आई उनकी सुपरहिट फिल्म 'यशवंत' के सेट पर एक बेहद गंभीर सीन की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने उन्हें सचमुच का एक जोरदार थप्पड़ मार दिया था।
रिहर्सल से अलग हुए इस अचानक हमले से मधु इस कदर भड़क गईं कि उन्होंने भी बिना सोचे-समझे कैमरे के सामने ही नाना पाटेकर को वापस एक करारा थप्पड़ रसीद कर दिया था। उसके पीछे क्या कारण था और असल में क्या हुआ था? हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अभिनेत्री ने इस दिलचस्प 'थप्पड़ कांड' की पूरी कहानी बयां की है।
एक इंटरव्यू में मधु ने पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर सिनेमा में किसी भी तरह के दिखावे या शॉर्टकट के सख्त खिलाफ रहते थे। वह प्रामाणिकता और वास्तविक अभिनय पर भरोसा करते थे। मधु ने कहा, "फिल्म 'यशवंत' में हमारा एक बहुत ही इमोशनल सीन था। मैं आंखों में ग्लिसरीन डालकर रोने की तैयारी कर रही थी, लेकिन नाना जी ने मुझे देख लिया और चिल्लाकर बोले- 'कोई ग्लिसरीन नहीं लगाएगा। सीन को अंदर से महसूस करो, आंसू अपने आप असली आने चाहिए।'
मधु ने बताया कि उस गंभीर सीन के दौरान काफी कोशिशों के बाद भी उनकी आंखों से असली आंसू नहीं निकल पा रहे थे। तभी नाना पाटेकर ने सीन को रियल बनाने के लिए बिना किसी चेतावनी के अचानक मधु के गाल पर एक जोरदार थप्पड़ मार दिया। मधु कहती हैं, "रिहर्सल में ऐसा कुछ तय नहीं था, उन्होंने अचानक थप्पड़ मारकर मुझे गहरे सदमे में डाल दिया था। मैं उस समय बहुत गुस्सैल स्वभाव की लड़की थी। मुझे इतना भयंकर गुस्सा आया कि मेरे रिफ्लेक्स ने काम किया और मैंने भी आव देखा न ताव, तुरंत नाना पाटेकर को पलटकर एक असली का थप्पड़ जड़ दिया।"
निर्देशक अनिल मट्टू ने पति-पत्नी के बीच के इस सबसे महत्वपूर्ण सीन को फिल्माने के लिए पूरा एक दिन रखा था। लेकिन दोनों कलाकारों के बीच हुए इस असली थप्पड़बाजी के बाद कैमरे में जो कच्ची और वास्तविक भावनाएं कैद हुईं, उसने सेट पर मौजूद हर शख्स के रोंगटे खड़े कर दिए। मास्टर शॉट में दोनों के चेहरे पर असली गुस्सा और आंसू साफ दिख रहे थे। सीन खत्म होते ही नाना पाटेकर ने डायरेक्टर से कहा, "अब इसके बाद तुम क्या क्लोज-अप शॉट लोगे यार? जो निकलना था, वो निकल गया।" इसके बाद दोपहर में ही फिल्म का पैक-अप कर दिया गया।
मधु ने बताया कि नाना पाटेकर के इस थप्पड़ ने उन्हें एक्टिंग की एक नई परिभाषा सिखाई। उन्होंने कहा, "नाना जी के साथ काम करने से पहले मैं सोचती थी कि कैमरा चालू होते ही रो पड़ो और बंद होते ही हंसने लगो। लेकिन उन्होंने मुझे सिखाया कि एक्टिंग मत करो, बल्कि उस किरदार को जियो। हालांकि लोग नाना जी को गुस्से वाला समझते हैं, लेकिन मेरे साथ उन्होंने कभी बद्तमीजी नहीं की। उनका गुस्सा सिर्फ अभिनय को बेहतर बनाने के लिए होता था।"