तालेड़ा उपखंड के सुवासा गांव स्थित 33 केवी सब ग्रिड स्टेशन पर कनिष्ठ अभियंता के नियमित रूप से कार्यालय में नहीं बैठने से उपभोक्ताओं और किसानों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं हुआ, जिससे विद्युत विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। वर्ष 2008 में स्थापित इस सब ग्रिड स्टेशन पर कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) का पद स्वीकृत है।
सुवासा. तालेड़ा उपखंड के सुवासा गांव में स्थित 33 केवी सब ग्रिड स्टेशन पर कनिष्ठ अभियंता के नियमित रूप से कार्यालय में नहीं बैठने से क्षेत्र के उपभोक्ताओं और किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिससे लोगों में विद्युत विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। जानकारी अनुसार कस्बे में 13 सितंबर 2008 को 33 केवी सब ग्रिड स्टेशन की स्थापना हुई थी। उसी समय यहां कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) का पद भी स्वीकृत किया गया था।
पूर्व में यहां कार्यरत कनिष्ठ अभियंता भूपेंद्र मीणा का जनवरी 2025 में झालावाड़ स्थानांतरण हो गया था, जो सुवासा ग्रेड पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। इसके बाद सरकार ने प्रीति बैरवा को सुवासा सब ग्रिड स्टेशन पर कनिष्ठ अभियंता के पद पर पदस्थापित किया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि वे नियमित रूप से सुवासा कार्यालय में नहीं बैठकर तालेड़ा कार्यालय से ही कार्य संचालन कर रही हैं। सुवासा सब ग्रिड स्टेशन से सुवासा, लाडपुर, बंडूदा, बाजड़ तथा पिंगाक्ष फैक्ट्री सहित पांच फीडर संचालित होते हैं। जहां से खलुंदा छपावदा, तीतरवासा, चांदनहेली, ठिकरिया, शंभू पुरिया सहित आसपास के गांव को ग्रिड से लाइट मिल रही है।ग्रिड पर चार लाइनमैन एवं तीन कर्मचारी 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात हैं, लेकिन अधिकारी के अभाव में कार्यालय अधिकांश समय सूना पड़ा रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि कार्यालय में मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है तथा टेबल-कुर्सियों तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।ग्रामीण देवेंद्र हाड़ा, बृज बिहारी गोस्वामी और दिनेश गोस्वामी ने बताया कि बिजली बिलों में त्रुटियां, कृषि कनेक्शन, ट्रांसफार्मर खराबी, विद्युत लाइन संबंधी शिकायतें तथा अन्य तकनीकी कार्यों के लिए उन्हें बार-बार 10 किलोमीटर तालेड़ा कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। स्थानीय स्तर पर अधिकारी उपलब्ध नहीं होने से छोटे-छोटे कार्य भी लंबे समय तक लंबित रहते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों और प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे क्षेत्रवासियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने सुवासा 33 केवी सब ग्रिड स्टेशन पर कनिष्ठ अभियंता की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि बिजली संबंधी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान हो सके।
मैं लगभग एक वर्ष तक मातृत्व अवकाश पर थी और तीन माह पहले मार्च में ही पुन: कार्यभार ग्रहण किया है। मेरी पोङ्क्षस्टग सुवासा सब ग्रिड स्टेशन पर है, लेकिन अधिकांश कार्यों के लिए तालेड़ा कार्यालय आना पड़ता है। पूर्व में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता भी तालेड़ा कार्यालय से ही कार्य करते थे। आवश्यकता पडऩे पर मैं सुवासा सब ग्रिड स्टेशन भी जाती हूं, लेकिन वहां बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों की समस्याओं का समय पर समाधान किया जाता है।
प्रीति बैरवा, कनिष्ठ अभियंता, सुवासा
वर्तमान में मैं कार्यवाहक सहायक अभियंता हूं। प्रीति बैरवा की पोस्टिंग सुवासा सब ग्रिड स्टेशन पर है, लेकिन मैंने उन्हें तालेड़ा कार्यालय में ही बैठकर कार्य करते देखा है। अन्य जानकारी मुझे नहीं है।
प्रतीक शर्मा, कार्यवाहक सहायक अभियंता, तालेड़ा