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8वें वेतन आयोग के साथ Old Pension Scheme लाने की मांग हुई तेज, क्या सरकार के लिए आसान होगा यह करना?

Old Pension Scheme: 8वें वेतन आयोग में ओल्ड पेंशन स्कीम लाने की मांग हो रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि कई कर्मचारियों को सिर्फ 200 से 2000 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है।

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OPS को फिर से लागू करना आसान नहीं है। (PC: Freepik)

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच कर्मचारी संगठनों द्वारा पुरानी पेंशन योजना (OPS) की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। सरकारी कर्मचारी संगठन लंबे समय से नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को खत्म कर OPS वापस लाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन कर्मचारी संगठनों का यह भी मानना है कि वर्तमान व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म कर OPS को लागू करना आसान नहीं है।

OPS और NPS में क्या फर्क है?

OPS यानी पुरानी पेंशन योजना एक सरकारी गारंटी वाली रिटायरमेंट स्कीम है। इसके तहत रिटायर होने वाले कर्मचारी को आखिरी बेसिक सैलरी का 50 फीसदी, साथ में महंगाई भत्ता यानी DA हर महीने मिलता रहता है। इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं होता।

वहीं, NPS इससे बिल्कुल अलग है। इसमें कर्मचारी और सरकार दोनों का योगदान एक कॉर्पस में जमा होता है, जिसे बाजार में निवेश किया जाता है। रिटायरमेंट पर पेंशन की रकम इसी जमा कॉर्पस पर निर्भर होती है। इसकी कोई फिक्स रिटर्न की गारंटी नहीं होती।

NPS को हटाकर OPS लागू करने में क्या दिक्कत है?

NPS की शुरुआत साल 2004 में हुई थी इसके बाद से ही सरकार और कर्मचारियों का इसमें नियमित योगदान है। यह पैसा मिलकर करीब 16.5 लाख करोड़ हो चुका है। यह पैसा किसी एक बैंक खाते में नहीं हैं। NPS में लगा हुआ पैसा LIC, SBI, UTI और दूसरी सरकारी संस्थाओं के जरिए बाजार में निवेशित है।

AINPSEF के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने बताया कि अगर यह पैसा अचानक वापस लिया जाए तो पहली समस्या यह है कि यह अलग-अलग जगह निवेशित है, इसे निकालना मुश्किल होगा। दूसरा, यदि निकाल भी लिया जाए, तो कुछ निवेशों से घाटा भी हो सकता है, जिससे इसकी वैल्यू भी प्रभावित हो सकती है। साथ ही NPS पूरी तरह बंद होने पर बाजार में हर महीने जाने वाला निवेश रुक जाएगा।

सिर्फ 200 से 2000 रुपए महीने की पेंशन

ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने अपने मेमोरेंडम में बताया कि कुछ कर्मचारियों को NPS के तहत महज 200 से 2000 रुपए महीना पेंशन मिल रही है। यह उन कर्मचारियों का हाल है जो सरकारी सेवा में देर से ज्वाइन होते हैं और उनका कॉर्पस कम जमा हो पाता है। फेडरेशन का कहना है कि NPS सामाजिक सुरक्षा नहीं दे पाती, क्योंकि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली आय अनिश्चित रहती है।

8वें वेतन आयोग से है 1.15 करोड़ लोगों को उम्मीदें

8वां वेतन आयोग पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में नवंबर 2025 से काम कर रहा है। इसके सदस्यों में पूर्व IAS पंकज जैन और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष शामिल हैं। इसके फैसलों से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख रिटायर पेंशनर्स, जिनमें रक्षाकर्मी भी शामिल हैं, सीधे प्रभावित होंगे।