Chhatarpur - कलेजा चीर देने वाली दास्तां: माता-पिता और छोटे भाई की मौत के बाद अनाथ हुए तीन मासूम बच्चे, नियति का क्रूर प्रहार:
Subhan Case- छतरपुर में कलेजा चीर देने वाली दास्तां सामने आई है। सुख-दुख तो जीवन का हिस्सा हैं लेकिन कभी-कभी नियति ऐसा क्रूर प्रहार करती है जिसकी कल्पना मात्र से ही रूह कांप जाती है। मध्यप्रदेश के हरपालपुर और उत्तरप्रदेश के महोबा जिले के चरखारी कस्बे के बीच एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। हरपालपुर नगर के वार्ड 5 स्टेशन मोहल्ले के रहने वाले एक परिवार के तीन सदस्यों की महज 11 दिनों के भीतर मौत हो गई। पत्नी और मासूम बेटे की मौत का सदमा एक बेबस पिता बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने भी उसी कब्रिस्तान में दम तोड़ दिया, जहां उसके कलेजे के टुकड़े और जीवनसंगिनी को दफनाया गया था। इस भयानक ट्रेजड़ी हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ कर रख दिया है और तीन मासूम बच्चे पूरी तरह अनाथ हो गए हैं।
मासूम की मौत के सदमे में मां ने तोड़ा था दम
यह दर्दनाक सिलसिला बीती 25 मई को शुरू हुआ था। मूल रूप से हरपालपुर के रहने वाले 40 वर्षीय सुब्हान अहमद पिछले कुछ समय से चरखारी में अपनी ससुराल में रह रहे थे। भीषण गर्मी और हीट वेव के कारण उनके 4 साल के मासूम बेटे हसनैन की अचानक मौत हो गई। बेटे की मौत से उसकी मां रजिया खातून गहरे सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सकीं और छतरपुर में उनका भी निधन हो गया। दोनों की मौत से पूरा परिवार टूट गया और मां-बेटे को एक साथ एक ही कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
रजिया और हसनैन की अचानक विदाई ने सुब्हान अहमद को भीतर से पूरी तरह झकझोर दिया था। वे दिन-रात गुमसुम रहते थे और इस असहनीय दुख से उबर नहीं पा रहे थे। शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे, जब दुनिया सो रही थी, कैंसर से पीडि़त सुब्हान अपने दर्द को समेटे चुपचाप कब्रिस्तान पहुंच गए और अपनी पत्नी व बच्चे की कब्र पर लेट गए। जब दो घंटे तक वे घर वापस नहीं लौटे, तो चिंतित परिजन उन्हें ढूंढते हुए कब्रिस्तान पहुंचे। वहां का नजारा देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। सुब्हान अचेत अवस्था में पड़े थे, उनका एक हाथ अपने मासूम बेटे की कब्र पर था और दूसरा हाथ अपनी जीवनसंगिनी की कब्र पर था।
परिजन आनन-फानन में सुब्हान को लेकर अस्पताल भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया। सुब्हान के पैर पर एक अजीब सा निशान मिला है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि कब्र पर विलाप करते हुए सोते समय उन्हें किसी जहरीले कीड़े या सांप ने काट लिया होगा। वहीं, डॉक्टरों और स्थानीय लोगों का यह भी मानना है कि बीवी-बेटे को खोने के गम में उनका दिल फट गया होगा और गहरे सदमे के कारण उनकी जान चली गई। मौत की असली वजह तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी, लेकिन इस मंजर ने हर किसी की आंखों को आंसुओं से भर दिया है।
इस तीन तरफा त्रासदी ने सुब्हान के पीछे छूटे तीन बच्चों 17 साल के सैफ, 14 साल की रोशनी और 11 साल की आलिया के सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया है। महज 11 दिनों के भीतर एक ही घर से उठे तीन जनाजों ने पूरे इलाके को सुन्न कर दिया है। चारों तरफ चीख-पुकार मची है। अब इन बेसहारा और अनाथ हो चुके बच्चों के भविष्य को लेकर हर कोई चिंतित है। स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है कि इन अनाथ बच्चों के भरण-पोषण और शिक्षा के लिए तुरंत आर्थिक मदद मुहैया कराई जाए।