Vaibhav Sooryavanshi Latest News: वैभव सूर्यवंशी को सीनियर भारतीय टीम में चुने जाने के बाद BCCI सचिव ने घोषणा की है कि उनके माता-पिता का खर्च भी बोर्ड उठाएगा। सैकिया ने बताया क्योंकि वह बच्चा है, इसलिए हमने उसके माता-पिता को उसके साथ आयरलैंड और इंग्लैंड जाने की इजाजत देने का फ़ैसला किया है, ताकि वे उसके साथ रह सकें और उसे नए माहौल में सेटल होने में मदद कर सकें।
Vaibhav Sooryavanshi Latest News: वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय सीनियर टीम में शामिल किया गया है। उनकी टीम इंडिया में एंट्री के साथ ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बड़ा ऐलान किया है। बोर्ड सचिव सैकिया ने बताया कि क्योंकि वह बच्चा है, इसलिए हमने उसके माता-पिता को उसके साथ आयरलैंड और इंग्लैंड जाने की इजाजत देने का फैसला किया है, ताकि वे उसके साथ रह सकें और उसे नए माहौल में सेटल होने में मदद कर सकें। बोर्ड उनके सारे खर्च उठाएगा।
बता दें कि भारतीय सीनियर चयन समिति ने आयरलैंड और इंग्लैंड टी20 इंटरनेशनल सीरीज के साथ ही एशियन गेम्स के लिए पहली बार वैभव सूर्यवंशी टीम इंडिया में चुना है। बोर्ड सचिव सैकिया ने बताया कि सूर्यवंशी के पिता संजीव अपने बेटे के साथ जुड़ने के लिए पहले ही श्रीलंका जा चुके हैं, जो अभी दांबुला में ट्राई-सीरीज के लिए इंडिया ए टीम के साथ हैं। वैभव के पिता श्रीलंका आ रहे हैं और हम उन्हें ऑफर देंगे कि अगर वह इंग्लैंड और आयरलैंड भी जाना चाहते हैं, तो जा सकते हैं। हम उनके लिए प्रबंध करेंगे।
सैकिया ने जोर देकर कहा कि बोर्ड की पहली जिम्मेदारी यह पक्का करना है कि युवा खिलाड़ी अनजान माहौल में अकेला महसूस न करे। कल उन्हें इंग्लैंड और आयरलैंड टी20 टूर के लिए भी चुना गया था। इसलिए हम यह ऑफर देंगे कि अगर माता-पिता या पिता वहां जाना चाहते हैं, तो हम वह इंतजाम भी करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह बेसिकली बच्चे को सीनियर मेन्स टीम में कम्फर्टेबल बनाने के लिए है और यही इसके पीछे बेसिक बात है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि वह हमेशा अपनी अंडर-19, जूनियर बॉयज या सब-जूनियर बॉयज टीम के साथ ट्रैवल करता था। इसका मतलब था कि वह कम्फर्ट जोन में था। लेकिन, अब वह एडल्ट दुनिया में होगा और हम उसे कम्फर्टेबल बनाना चाहते हैं, क्योंकि वह 15 साल का बच्चा है। निश्चित रूप से अपने माता-पिता के आसपास होने पर, वह ज्यादा कम्फर्टेबल होगा। उसकी संतुष्टि और सुविधा के आधार पर, हम यह कर रहे हैं।
सैकिया ने कहा कि बोर्ड की यह ड्यूटी है कि वह यह पक्का करे कि युवा खिलाड़ी नए माहौल की चुनौतियों से परेशान न हों। उन्होंने कहा कि हमारी कुछ जिम्मेदारी है कि कोई भी नए माहौल में अनकम्फर्टेबल या अजनबी महसूस न करे। उन्होंने कहा कि यह हमारा बेसिक प्रिंसिपल है, ताकि वह धीरे-धीरे सीनियर टीम में एडजस्ट हो जाए।