अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजस्थान के दौसा रेलवे जंक्शन का 15.17 करोड़ की लागत से कायाकल्प। रेल मंत्रालय ने जारी की आधुनिक भवन, लिफ्ट और नए फुट ओवर ब्रिज की खूबसूरत तस्वीरें।
राजस्थान के औद्योगिक और पर्यटन विकास को नई रफ्तार देने के लिए भारतीय रेलवे इन दिनों प्रदेश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से आधुनिक बनाने में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में दिल्ली-अहमदाबाद मुख्य रेल मार्ग पर स्थित रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण दौसा रेलवे जंक्शन के पुनर्विकास का काम उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) द्वारा सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस पुनर्विकास परियोजना पर कुल 15.17 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है, जिसके बाद ब्रिटिश काल के इस पुराने और ऐतिहासिक स्टेशन का पूरा स्वरूप ही बदल गया है।
स्टेशन का काम पूरा होने के बाद केंद्रीय रेल मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इस स्टेशन की कुछ बेहद खूबसूरत और आधुनिक तस्वीरें साझा की हैं। रेल मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में गर्व के साथ लिखा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त राजस्थान का यह पुनर्विकसित दौसा रेलवे स्टेशन अब देश की सेवा में समर्पित होने के लिए पूरी तरह तैयार है। मंत्रालय द्वारा जारी तस्वीरों में स्टेशन का मुख्य भवन रात के समय रंग-बिरंगी लाइटों से नहाया हुआ किसी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की तरह भव्य नजर आ रहा है।
दौसा रेलवे जंक्शन का इतिहास काफी पुराना है और इसकी मूल इमारत ब्रिटिश शासन काल के समय की बनी हुई थी, जिसमें समय के साथ-साथ कई बदलाव किए गए थे। लेकिन अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस बार रेलवे इंजीनियर्स ने स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार और अग्रभाग को पूरी तरह से रिप्लेस कर एक नया और भव्य आर्किटेक्चरल डिजाइन प्रदान किया है। स्टेशन के बाहर एक विशाल और आकर्षक पोर्च का निर्माण किया गया है जो यात्रियों को धूप और बारिश से सुरक्षा प्रदान करेगा।
स्टेशन के अग्रभाग की बनावट में राजस्थान की पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक वास्तुकला का एक बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलता है। मुख्य भवन के भीतर प्रवेश करते ही यात्रियों को एक कॉर्पोरेट लुक का अहसास होता है, जहाँ दीवारों पर बेहतरीन पेंटिंग्स और साफ-सफाई के कड़े इंतजाम किए गए हैं। स्टेशन की यह नई भव्य इमारत न केवल यात्रियों को आकर्षित कर रही है बल्कि पूरे दौसा शहर के सौंदर्य को भी चार चांद लगा रही है।
दौसा रेलवे जंक्शन पर ट्रेनों के बढ़ते दबाव और यात्रियों की भारी आवाजाही को देखते हुए पुराने और संकरे फुट ओवर ब्रिज को हटाकर एक नया और अत्यधिक चौड़ा फुट ओवर ब्रिज (FOB) तैयार किया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, केवल इस नए फुट ओवर ब्रिज के निर्माण पर लगभग 4.10 करोड़ रुपये की बड़ी राशि खर्च की गई है। इस ब्रिज की चौड़ाई इतनी अधिक रखी गई है कि पीक ऑवर्स (व्यस्त समय) के दौरान भी पटरियों को पार करते समय यात्रियों की भीड़ जमा नहीं होगी।
बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए स्टेशन के सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म्स को इस नए फुट ओवर ब्रिज से जोड़ने के लिए आधुनिक लिफ्ट लगाने का काम भी पूरी तरह संपन्न हो चुका है। इन लिफ्टों के चालू हो जाने से अब यात्रियों को भारी-भरकम सामान लेकर सीढ़ियां चढ़ने और उतरने की थकाऊ प्रक्रिया से पूरी तरह से मुक्ति मिल जाएगी, जिससे उनकी रेल यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम और आरामदायक हो जाएगी।
दौसा रेलवे जंक्शन के बाहर पहले के समय में अक्सर लगने वाले ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित पार्किंग की बड़ी समस्या को दूर करने के लिए रेलवे ने स्टेशन के बाहरी हिस्से यानी सर्कुलेटिंग एरिया (Circulating Area) का पूरी तरह से पुनर्गठन किया है। सर्कुलेटिंग एरिया का क्षेत्रफल बढ़ाकर वहां दोपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए अलग-अलग और बेहद व्यवस्थित पार्किंग जोन का निर्माण किया गया है।
वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए स्टेशन परिसर में प्रवेश और निकास के लिए दो पूरी तरह से अलग-अलग चौड़े द्वार बनाए गए हैं। इस नई यातायात व्यवस्था के लागू होने से अब कोई भी ऑटो, टैक्सी या निजी वाहन स्टेशन के मुख्य भवन के सामने अनावश्यक रूप से खड़ा नहीं रह सकेगा, जिससे यात्रियों को अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए मुख्य भवन तक पहुंचने में किसी भी प्रकार की देरी या असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
नए जमाने की आधुनिक रेल सेवा के अनुरूप दौसा रेलवे जंक्शन को पूरी तरह से डिजिटल और तकनीकी रूप से अपग्रेड कर दिया गया है। यात्रियों को अपनी ट्रेनों की सही और लाइव स्थिति जानने के लिए अब पुराने सूचना बोर्डों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, क्योंकि पूरे स्टेशन परिसर और प्रतीक्षालयों में नए इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल ट्रेन इंफॉर्मेशन बोर्ड लगा दिए गए हैं। इसके साथ ही, प्लेटफॉर्म पर अपनी बोगी को आसानी से ढूंढने के लिए अत्याधुनिक एलईडी (LED) कोच इंडिकेशन सिस्टम भी चालू कर दिए गए हैं।
सुरक्षा के मोर्चे पर भी रेलवे ने इस जंक्शन को अभेद्य बनाने का काम किया है। स्टेशन के कोने-कोने पर, प्रवेश द्वारों पर, टिकट काउंटरों के पास और प्लेटफॉर्म्स पर उच्च क्षमता वाले नाइट-विजन सीसीटीवी (CCTV) कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिनका एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (Control Room) बनाया गया है। इन कैमरों की मदद से रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के जवान स्टेशन परिसर के भीतर होने वाली हर संदिग्ध गतिविधि पर 24 घंटे पैनी नजर रख सकेंगे, जिससे महिला यात्रियों और परिवारों का सफर पूरी तरह सुरक्षित होगा।
अमृत भारत स्टेशन योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके तहत विकसित किए जा रहे सभी स्टेशनों को पर्यावरण के अनुकूल (Eco-Friendly) बनाया जा रहा है। इसी नीति के तहत दौसा रेलवे जंक्शन को भी एक ग्रीन स्टेशन के रूप में ढाला गया है। स्टेशन की बिजली की खपत को प्राकृतिक ऊर्जा से पूरा करने के लिए मुख्य भवन और प्लेटफॉर्म शेड्स की छतों पर एक बहुत बड़ा सोलर पावर सिस्टम स्थापित किया गया है, जो दिन के समय स्टेशन की अधिकांश ऊर्जा आवश्यकताओं को खुद पूरा करेगा।
पानी की बर्बादी को रोकने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए स्टेशन परिसर में दो अत्यंत महत्वपूर्ण प्रणालियां लागू की गई हैं:
रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम: मानसून के दौरान स्टेशन की छतों पर गिरने वाले वर्षा जल को सहेजने और उसे जमीन के भीतर रीचार्ज करने के लिए यह सिस्टम बनाया गया है ताकि क्षेत्र का भूजल स्तर सुधर सके।
वाटर रिसाइक्लिंग प्लांट: स्टेशन की पटरियों, कोचों और शौचालयों की सफाई से निकलने वाले गंदे पानी को दोबारा साफ करके बागवानी और फ्लशिंग के काम में लेने के लिए एक अत्याधुनिक जल पुनर्चक्रण संयंत्र चालू किया गया है। इसके साथ ही, यात्रियों के बैठने के लिए नए सुधरे हुए वेटिंग हॉल और आधुनिक प्रसाधन कक्षों (Toilets) का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है।
भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो दौसा रेलवे जंक्शन भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण दिल्ली-जयपुर-अहमदाबाद मुख्य रेल मार्ग पर स्थित है। इस ट्रैक से होकर रोजाना दर्जनों सुपरफास्ट, मेल और मालगाड़ियां गुजरती हैं, और दौसा जंक्शन से प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्थानीय यात्रियों, व्यापारियों और छात्र-छात्राओं का आवागमन होता है।
इस स्टेशन के विश्वस्तरीय रिनोवेशन कार्य के पूरा हो जाने के बाद, यह जंक्शन न केवल रेल यात्रियों को सुखद अहसास कराएगा, बल्कि आने वाले समय में दौसा, मेहंदीपुर बालाजी, और आसपास के क्षेत्रों के व्यापार, धार्मिक पर्यटन तथा स्थानीय औद्योगिक विकास को बहुत बड़ी गति प्रदान करेगा। बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं के कारण अब देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी मरुधरा की यात्रा करने में सहूलियत होगी। अब आम जनता के लिए बस इसके औपचारिक भव्य उद्घाटन का इंतजार किया जा रहा है।