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‘हे मां.. पापा को करोड़पति बना देना’ देवास माता टेकरी की दान पेटियों से निकलीं अनूठी फरियाद भरी चिट्ठियां

Dewas Mata Tekri : देवास माता टेकरी की 12 दान पेटियां खोली गईं। इनमें 6.30 लाख रुपए के साथ मिलीं मन्नतों की भावुक चिट्ठियां। चौथी कक्षा की छात्रा ने परीक्षा में पास होने की लगाई फरियाद।

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देवास माता टेकरी की दान पेटियों से निकलीं अनूठी फरियाद (Photo Source- Patrika)

Dewas Mata Tekri Donation Boxes : माता के दरबार में कोई धन-दौलत मांग रहा था, कोई रोजगार तो कोई अपने परिवार की खुशहाली। किसी ने पिता के लिए काम और समृद्धि की कामना की तो एक मासूम बच्ची ने परीक्षा में पास होने की प्रार्थना की। शुक्रवार को मध्य प्रदेश के देवास की प्रसिद्ध माता टेकरी पर जब मंदिरों की दान पेटियां खोली गईं तो उनमें सिर्फ नकदी और आभूषण ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाएं, उम्मीदें और सपने भी बाहर आए।

दान पेटियों से निकली मन्नतों की पर्चियों ने वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों का ध्यान खींच लिया। इनमें से एक पर्ची में लिखी भावनात्मक प्रार्थना ने सभी को भावुक कर दिया। जिसमें लिखा था- 'हे मां… तुलजा भवानी, चामुंडा माता… हमारा समय परिवर्तन कर दीजिए। मेरे पापा को सेठ फिर से काम पर बुला लें। उनका काम चालू हो जाए। 2026 में हमारा स्थायी घर बन जाए और पापा को करोड़पति बना दीजिए…'। ये पंक्तियां उस श्रद्धालु की थीं, जिसने अपनी जिंदगी की परेशानियों और उम्मीदों को माता के चरणों में सौंप दिया था।

दान पेटियों में मिले नोट-सिक्के ही नहीं, सपनों के संदेश भी

शुक्रवार सुबह 11 बजे माता टेकरी स्थित दोनों मंदिरों की कुल 12 दान पेटियां खोली गईं। राजस्व विभाग और मंदिर समिति की मौजूदगी में दान राशि की गणना का कार्य शुरू हुआ, जो दोपहर लगभग 3 बजे तक चला। गिनती के दौरान लाखों रुपए की नकदी, सिक्के, सोने-चांदी के आभूषणों के साथ कई मन्नत पर्चियां भी सामने आईं। इन पर्चियों में लोगों ने अपने जीवन की छोटी - बड़ी इच्छाओं को शब्दों में पिरोकर माता रानी के चरणों में अर्पित किया था। किसी ने नौकरी में सफलता की कामना की, किसी ने व्यापार में उन्नति मांगी तो किसी ने परिवार को संकटों से बचाने की प्रार्थना की।

मासूम बच्ची की मन्नत ने जीता सबका दिल

देवास माता टेकरी की दान पेटियों से निकलीं अनूठी फरियाद (Photo Source- Patrika)

दान पेटियों से निकली पर्चियों में सबसे अधिक चर्चा एक छोटी बच्ची की मन्नत की रही। बच्ची ने अपनी पर्ची में स्कूल का नाम, कक्षा, माता - पिता का नाम और अपना परिचय लिखते हुए माता रानी से बड़ी सरल भाषा में प्रार्थना की, लिखा- 'मां, मुझे एग्जाम में पास करा देना… मुझे चौथी पास करवा देना।' इस मासूम प्रार्थना को पढ़कर वहां मौजूद लोग मुस्कुरा उठे। ये पर्ची आस्था के उस सरल और निष्कपट रूप को दर्शाती है, जिसमें बच्चों का विश्वास सीधे ईश्वर से जुड़ जाता है।

देश ही नहीं, विदेशों तक पहुंची माता टेकरी की आस्था

दान पेटियों की गिनती के दौरान एक और रोचक तथ्य सामने आया। नकदी और आभूषणों के बीच विदेशी मुद्रा भी मिली। नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर के अनुसार दान पेटी में कजाकिस्तान की मुद्रा भी प्राप्त हुई। इससे ये स्पष्ट होता है कि, माता टेकरी में केवल स्थानीय या प्रदेश के श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि देश - विदेश से आने वाले भक्त भी अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं।

6.30 लाख रुपए से अधिक की राशि निकली

दान पेटियों की गणना के बाद कुल 6 लाख 30 हजार 910 रुपए की राशि प्राप्त हुई। इसमें 70 हजार रुपए से अधिक मूल्य के सिक्के शामिल हैं। इसके अलावा सोने-चांदी के आभूषण और अन्य भेंट सामग्री भी प्राप्त हुई है। पूरी प्रक्रिया मंदिर समिति और राजस्व विभाग की निगरानी में संपन्न हुई।

आस्था का अनोखा संसार

माता टेकरी की दान पेटियों से निकली ये पर्चियां बताती हैं कि, मंदिरों में सिर्फ दान ही नहीं आता, बल्कि लोग अपनी उम्मीदें, संघर्ष, सपने और विश्वास भी ईश्वर को समर्पित करते हैं। कोई बेहतर भविष्य चाहता है, कोई रोजगार, कोई स्वास्थ्य, तो कोई अपने बच्चों की सफलता। इन चि_ियों में लिखी प्रार्थनाएं यह भी बताती हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी लोगों का विश्वास और उम्मीद कायम है।

दान पेटियों से ये निकला…

-कुल 12 दान पेटियां खोली गईं।
-6,30,910 रुपए की नकदी प्राप्त हुई।
-70 हजार रुपए से अधिक के सिक्के मिले।
-सोने-चांदी के आभूषण प्राप्त हुए।
-कजाकिस्तान की विदेशी मुद्रा भी मिली।
-रोजगार, स्वास्थ्य, परिवार और पढ़ाई से जुड़ी दर्जनों मन्नत पर्चियां मिलीं।