डूंगरपुर जिले के मांडवा-नवाघरा गांव में बकरियां चराने गईं दो सगी बहनें दातावाड़ा नदी में डूब गईं। हादसे में कक्षा 8वीं की छात्रा ज्योति की मौत हो गई, जबकि उसकी छोटी बहन का अस्पताल में उपचार जारी है। होनहार बेटी की असमय मौत से परिवार सदमे में है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
डूंगरपुर। जिले में एक दर्दनाक हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। कोतवाली थाना क्षेत्र के मांडवा-नवाघरा गांव में बकरियां चराने गईं दो सगी बहनें दातावाड़ा नदी में डूब गईं। हादसे में बड़ी बहन की मौत हो गई, जबकि छोटी बहन का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार मांडवा-नवाघरा निवासी जीवा पुत्र अर्जुन रोत ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह गुजरात के मोरबी में मजदूरी करता है। घर पर उसकी पत्नी और तीन बेटियां रहती हैं। शनिवार शाम को उसकी पत्नी ने फोन कर हादसे की सूचना दी। बताया गया कि उसकी बड़ी बेटी ज्योति और उससे छोटी बहन दीपिका गांव के पास दातावाड़ा नदी क्षेत्र में बकरियां चराने गई थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार दोनों बहनें बकरियों को नदी का पानी पिला रही थीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में जा गिरीं। अचानक हुए हादसे से दोनों बहनें नदी में डूबने लगीं। आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया और काफी प्रयास के बाद दोनों को नदी से बाहर निकाला।
इसके बाद दोनों बहनों को तत्काल डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद बड़ी बहन ज्योति को मृत घोषित कर दिया। वहीं छोटी बहन दीपिका का उपचार जारी है। उसकी हालत पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।
परिजनों ने बताया कि ज्योति पढ़ाई में होनहार थी और स्कूल के साथ-साथ घर की जिम्मेदारियों में भी परिवार का हाथ बंटाती थी। उसकी असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है। पिता के गुजरात में मजदूरी करने के कारण घर की कई जिम्मेदारियों में वह अपनी मां की मदद करती थी। बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। मासूम छात्रा की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।