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50 लाख की लूट का खुलासा: सगे भाई-भाभी ही निकले मास्टरमाइंड, गर्भवती भाभी ने रचा था बंधक बनने का ढोंग

डबरा की सचदेवा कॉलोनी में गुरुवार को दिनदहाड़े हुई 50 लाख की लूट का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। वारदात की स्क्रिप्ट पीडि़त परिवार के सगे भाई शुभम और उसकी गर्भवती पत्नी

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ग्वालियर. डबरा की सचदेवा कॉलोनी में गुरुवार को दिनदहाड़े हुई 50 लाख की लूट का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। वारदात की स्क्रिप्ट पीडि़त परिवार के सगे भाई शुभम और उसकी गर्भवती पत्नी ङ्क्षपकी ने लिखी थी। दंपती ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर फर्जी लूट का यह पूरा सीन क्रिएट किया था, ताकि बहन के जीवनभर की कमाई के जेवर और नकदी हड़प सकें। पुलिस ने मास्टरमाइंड पति-पत्नी समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर माल बरामद कर लिया है।

बेरोजगार देख फार्म हाउस की देखभाल के लिए बुलाया था

पुलिस के अनुसार, वारदात के मास्टरमाइंड शुभम श्रीवास्तव और ङ्क्षपकी जाटव ने प्रेम विवाह किया है। ङ्क्षपकी की यह तीसरी शादी है और वह गर्भवती है। शुभम बेरोजगार था, जिसके चलते दोनों की माली हालत बेहद खराब थी। बहन मोनिका उर्फ रानू श्रीवास्तव ने भाई और भाभी की तंगहाली देखकर तरस खाया और उन्हें अपने सचदेवा फार्म स्थित मकान में रहने के लिए बुला लिया। दोनों पिछले तीन महीने से बहन के साथ ही रह रहे थे। इसी बीच ङ्क्षपकी ने अलमारी में रखे लाखों के जेवर और नकदी देख ली, जिसे देखकर दोनों की नीयत डोल गई।

दोस्तों के साथ मिलकर रची फर्जी लूट की कहानी

शुभम को पता था कि बहन मोनिका और भांजी सुबह दुकान पर काम करने चली जाती हैं और भांजा अपने कैफे पर रहता है। दिन में घर पर ङ्क्षपकी अकेली रहती थी। योजना के मुताबिक, गुरुवार दोपहर शुभम अपने दोस्त सोनू जाटव के साथ एसी सर्विङ्क्षसग वाला बनकर घर पहुंचा। सीसीटीवी कैमरों को गुमराह करने के लिए ङ्क्षपकी ने दरवाजा खोला और बातचीत का नाटक कर दोनों को अंदर बुला लिया। इसके बाद शुभम और सोनू ने अलमारी का लॉकर तोड़ा और जेवर समेट लिए। लूट का असली सीन दिखाने के लिए उन्होंने ड्रेङ्क्षसग टेबल का कांच तोड़ा और टूटे हुए कांच से ङ्क्षपकी के माथे पर खरोंच मार दी, फिर उसके हाथ-पैर बांधकर फरार हो गए।

इन 4 झोल ने कर दिया पर्दाफाश

  1. ढीले बंधे हाथ: कथित तौर पर बंधक बनाई गई ङ्क्षपकी के हाथ आगे की तरफ इतने ढीले बंधे थे कि वह उन्हें आसानी से खुद खोल सकती थी।
  2. कांच का रहस्य: ङ्क्षपकी ने दावा किया था कि रॉड मारने से ड्रेङ्क्षसग टेबल का कांच टूटा, जबकि कांच पूरी तरह चकनाचूर था जो एक वार में संभव नहीं था।
  3. औजार का संशय: अलमारी तोडऩे के लिए घर के बाहर खड़ी गाड़ी से ट्राई लीवर निकाला गया। पेशेवर लुटेरे पहले से औजार साथ लाते हैं, घर में आकर जुगाड़ नहीं ढूंढते।
  4. लोकेशन ट्रैङ्क्षकग: घटना के समय शुभम का मोबाइल लगातार 2 घंटे बंद रहा और वह सोनू के साथ सीसीटीवी में ट्रैक हो गया।

गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी

  • गिरफ्तार आरोपी: शुभम श्रीवास्तव (31) निवासी फालका बाजार, ङ्क्षपकी जाटव (पत्नी शुभम), सोनू कौशिक उर्फ जाटव (31) निवासी रामदास घाटी और लूट का माल छिपाने वाला आसिफ खान (30) निवासी तारागंज।
  • बरामदगी: 252.82 ग्राम सोने के जेवर (कीमत 42 लाख रुपये), 1.9 किलोग्राम चांदी (कीमत 4 लाख रुपये), 2.50 लाख रुपये नगद और वारदात में इस्तेमाल बाइक।

गर्भवती महिला को बंधक बनाकर 50 लाख की लूट की यह सूचना बेहद गंभीर थी। लेकिन तकनीकी जांच और विरोधाभासों ने शक की सुई कथित पीडि़ता और उसके पति की तरफ घुमा दी। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया है। सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर शत-प्रतिशत माल बरामद कर लिया गया है।
धर्मवीर ङ्क्षसह यादव, एसएसपी, ग्वालियर