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Ayushman Bharat Scheme: अस्पताल में इलाज से लेकर मातृ स्वास्थ्य तक, आयुष्मान भारत योजना का कितना असर?

Ayushman Card Treatment: PM मोदी के अनुसार आयुष्मान भारत योजना ने करोड़ों परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा दी है। जानिए महिलाओं, बच्चों और गरीब परिवारों की सेहत पर इसका क्या असर पड़ा है।

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आयुष्मान भारत योजना परिवार की प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo- freepik)

Ayushman Bharat Health Benefits: बीमारी सिर्फ शरीर को ही नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करती है। भारत में लंबे समय तक ऐसा देखा गया कि गंभीर बीमारी होने पर लोगों को इलाज के लिए कर्ज लेना पड़ता था या अपनी बचत खर्च करनी पड़ती थी। लेकिन सरकार का दावा है कि आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana) ने इस स्थिति को काफी हद तक बदल दिया है।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने देश में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाया है और करोड़ों परिवारों को महंगे इलाज के खर्च से राहत दी है।

क्या है आयुष्मान भारत योजना?

आयुष्मान भारत दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक मानी जाती है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड दिया जाता है, जिसकी मदद से वे सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज करा सकते हैं।

पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, 2014 से पहले देश के 30% से भी कम परिवार किसी न किसी स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में आते थे। आज आयुष्मान भारत के कारण 60% से अधिक परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड, जन औषधि केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर जैसी पहल ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का चिकित्सा खर्च कम करने में मदद की है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, इन योजनाओं की वजह से लोगों ने अब तक करीब 2.25 लाख करोड़ रुपये के चिकित्सा खर्च की बचत की है।

महिलाओं और बच्चों को कैसे मिला फायदा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जब इलाज आसानी से उपलब्ध होता है, तो महिलाओं और बच्चों की सेहत पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। प्रधानमंत्री ने बताया कि आज देश में 90% से अधिक प्रसव अस्पतालों में हो रहे हैं। इसके अलावा बच्चों के टीकाकरण का दायरा भी बढ़ा है। 2014 से पहले जहां करीब 60% बच्चों का पूर्ण टीकाकरण हो पाता था, वहीं अब यह आंकड़ा लगभग 90% तक पहुंच गया है।

रिसर्च क्या कहती है?

जर्नल द लैंसेट रीजनल हेल्थ - साउथईस्ट एशिया में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य बीमा योजनाएं लोगों पर अपनी जेब से होने वाले इलाज के खर्च को कम करने में मदद कर सकती हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि ऐसी योजनाएं गरीब परिवारों को आर्थिक संकट से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

क्यों है यह योजना महत्वपूर्ण?

भारत में हर साल लाखों परिवार गंभीर बीमारी के इलाज पर बड़ी रकम खर्च करते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य बीमा की सुविधा आर्थिक सुरक्षा का एक अहम साधन बन सकती है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि केवल बीमा कवरेज बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। अस्पतालों की उपलब्धता, इलाज की गुणवत्ता और जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।