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राज्यसभा चुनाव: राजस्थान से कांग्रेस उम्मीदवार नीरज डांगी ने भरा नामांकन पत्र

Rajya Sabha Election: राजस्थान में कांग्रेस उम्मीदवार नीरज डांगी शुक्रवार को विधानसभा में नामांकन दाखिल किया। राजस्थान से राज्यसभा की 3 सीटों पर चुनाव होना है। 18 जून को मतदान होगा।

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नीरज डांगी ने नामांकन दाखिल किया। Photo- Patrika

Rajya Sabha Elections : राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए राजस्थान से कांग्रेस प्रत्याशी एवं सांसद नीरज डांगी ने शुक्रवार को यहां अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। डांगी ने विधानसभा भवन में निर्वाचन अधिकारी को अपना नामांकन पत्र सौंपा। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विपक्ष के नेता टीकाराम जूली एवं कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक रफीक खान सहित कांग्रेस के कई विधायक मौजूद थे।

राजस्थान से राज्यसभा के लिए कांग्रेस ने एक बार फिर नीरज डांगी पर भरोसा जताया है और दूसरी बार राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटें वर्तमान सांसद राजेंद्र गहलोत, रवनीत सिंह बिट्टू और नीरज डांगी का कार्यकाल 20 जून को समाप्त होने के कारण रिक्त हो रही है।

कांग्रेस उम्मीदवार नीरज डांगी (56 वर्ष) नीरज डांगी, मेघवाल (अनुसूचित जाति) समाज से आते हैं। पाली जिले से जुड़े नीरज डांगी लंबे समय से कांग्रेस संगठन में सक्रिय हैं। वे प्रदेश कांग्रेस में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं और संगठनात्मक कार्यों के साथ जनहित के मुद्दों पर भी सक्रिय रहे हैं। नीरज डांगी पूर्व सीएम अशोक गहलोत के नजदीकी माने जाते हैं। वर्ष 2020 में वे पहली बार राजस्थान से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। राजनीतिक हलकों में उनके पुनः चयन के पीछे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भरोसे को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नीरज डांगी के दोबारा राज्यसभा पहुंचने की प्रबल संभावना

राजनीतिक जानकारों के अनुसार कांग्रेस ने नीरज डांगी को दोबारा उम्मीदवार बनाकर एक ओर अनुभवी सांसद को मौका दिया है, वहीं अनुसूचित जाति वर्ग में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का संकेत भी दिया है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल (67 विधायक) को देखते हुए उनके दोबारा राज्यसभा पहुंचने की संभावना प्रबल मानी जा रही है।

एक सीट पर जीत के लिए 51 वोट चाहिए

राजस्थान में राज्यसभा की एक सीट पर जीत के लिए 51 विधायक चाहिए। इस हिसाब से भाजपा को दो और कांग्रेस को एक सीट मिल रही है। वहीं अगर भाजपा को तीसरी सीट पर अपना कब्जा चाहिए तो इसके लिए भाजपा को 35 दूसरे दलों के विधायकों के वोट चाहिए। जो मौजूदा हालात में असंभव है। आरएलडी भाजपा संग है, भाजपा अगर 8 निर्दलीयों, 2 बसपा, 4 बीटीपी के वोट भी लेने में कामयाब रहती है तो भी तीसरे उम्मीदवार के लिए 20 विधायकों के वोट कम पड़ेंगे।

Rajya Sabha Elections : कांग्रेस उम्मीदवार नीरज डांगी। फाइल फोटो पत्रिका

नीरज डांगी रेवदर विधानसभा सीट से 3 बार चुनाव हारे

कांग्रेस उम्मीदवार नीरज डांगी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत युवा कांग्रेस से की थी। नीरज डांगी 2004 से लेकर 2009 तक युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष रहे। इसके अलावा पीसीसी महासचिव रहे। उन्होंने 2004 में देसूरी से चुनाव लड़ा, लेकिन हार मिली। उसके बाद 2008 और 2018 में रेवदर से चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से नजदीकी के चलते साल 2020 में उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाकर उच्च सदन में भेजा गया था। उनके पिता दिनेश डांगी देसूरी से लगातार छह बार विधायक रहे और राज्य में मंत्री भी बने।