Shankaracharya Avimukteshwaranand: कन्नौज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द महाराज ने कहा कि लोगों में बुलडोजर का भय नहीं है यदि ऐसा होता तो बुलंदशहर की घटना ना होती। उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी यात्रा में लाल टोपी और सफेद गमछा वाले ज्यादा शामिल हो रहे हैं।
Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand: कन्नौज पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द महाराज ने शासन और प्रशासन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिस स्कूल में उनके रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई थी, वहां प्रशासन की ओर से अनुमति संबंधी मुद्दा उठाकर स्कूल प्रबंधन पर दबाव बनाया गया। प्रबंधन की असुविधा को देखते हुए उन्होंने किसी विवाद से बचने के लिए चौराहे पर ही रात बिताने का फैसला किया। इसके साथ ही शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द महाराज ने कहा कि लोगों को बुलडोजर का भय नहीं है क्योंकि यह सलेक्टिव जगह चल रहा है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का गढ़ होने के कारण प्रशासन ने उनके खिलाफ यह कार्रवाई की है।
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द महाराज चौराहे पर रात बिताई। इस दौरान उनके समर्थक भी मौजूद थे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म में कहा गया है कि किसी की छाया खींचना पाप है। सरकार यही करने में उतारू है तो वह क्या कर सकते हैं?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने बुलंदशहर की घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर बुलडोजर की कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के सचमुच हो रही होती, तो अपराधियों और उपद्रवियों में उसका डर होता। इसका मतलब है कि बुलडोजर सब के ऊपर नहीं चल रहा है। इसलिए लोगों में भय नहीं है, वह जानते हैं कि बुलडोजर को जहां चलवाना होगा, चलवा लेंगे और जहां रुकवाना होगा, वहां रुकवा लिया जाएगा।
स्कूल में ना रुकने देने के संबंध में शंकराचार्य ने कहा कि संतों का सम्मान करना प्रशासन का काम है। अब तक उन्हें किसी ने नहीं रोका, लेकिन प्रशासन ने उन्हें स्कूल में रुकने की अनुमति नहीं दी। अखिलेश यादव का गढ़ होने के कारण ऐसा किया गया। उनकी यात्रा में लाल टोपी और सफेद गमछा वाले ज्यादा शामिल हो रहे हैं। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द महाराज गविष्टि (गौ रक्षा धर्म युद्ध) यात्रा लेकर निकले हैं। यह यात्रा काशी से शुरू हुई है जो प्रदेश की सभी विधानसभा से होकर गुजरेगी।