SECL Deputy Manager Died: कोरिया जिले के चरचा कॉलरी स्थित एसईसीएल के आवास में डिप्टी मैनेजर की संदिग्ध हालत में मौत, मेन गेट और किचन का दरवाजा भीतर से था लॉक
बैकुंठपुर। कोरिया जिले के एसईसीएल चरचा कॉलरी में कार्यरत डिप्टी मैनेजर केबी नंदन की शनिवार की रात एसईसीएल आवास में संदिग्ध हालत में जलने से मौत (SECL Deputy Manager Died) हो गई। आवास में अचानक बड़ा धमाका हुआ, आवाज सुनकर पूरी कॉलोनी दंग रह गई। इधर डिप्टी मैनेजर का बेटा चिल्लाता रहा, पापा अंदर हैं…, पापा अंदर हैं। जब लोग दौड़ते हुए वहां पहुंचे तो आवास के मेन गेट और किचन का दरवाजा भीतर से लॉक था। माइंस अधिकारी अंदर से लॉक दरवाजा और किचन को तोडक़र घुसे। उन्होंने देखा कि डिप्टी मैनेजर आग की लपटों से घिरे हैं। फिर उन्हें वहां से निकालकर अस्पताल ले गए। यहां जांच पश्चात डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बता दें कि डिप्टी मैनेजर केबी नंदन चाइना ब्लॉक स्थित कॉलरी आवास क्रमांक सी-25 में निवासरत थे। उनकी पत्नी और छोटा बेटा अपने गृहग्राम रांची गए थे। आवास में केवल डिप्टी मैनेजर (SECL News) और उनका बड़ा बेटा मौजूद थे। घटना तिथि शनिवार रात लगभग 9.30 बजे उनका बेटा घर के बाहर परिसर में था। इसी दौरान भीतर अचानक एक जोरदार धमाका (Cylinder blast) हुआ। इससे आसपास रहने वाले अधिकारी अपने आवास से बाहर निकलकर पहुंचे।
जहां डिप्टी मैनेजर के आवास के भीतर आग की लपटें उठ रही थीं। बाहर खड़ा उनका बेटा चिल्ला रहा था, कि पापा अंदर हैं…पापा अंदर हैं…। इसी बीच कॉलोनी में रहने वाले माइंस अधिकारी जीएम गुप्ता, निलेश अवधिया, मदन गोपाल, जेपी सोनी, अतुल चिंचोलकर सहित बड़ी संख्या में मदद को आगे बढ़े। खिडक़ी से झांकने पर रसोईघर में भीषण आग लगी थी और डिप्टी मैनेजर आग की चपेट में थे।
तत्काल एसईसीएल रेस्क्यू टीम, फायर ब्रिगेड (SECL Rescue team) और नगर सेना को सूचना दी गई। साथ ही अधिकारियों ने मुख्य दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन अंदर से बंद था। दरवाजे में सेंटर लॉक लगा था। ऐसे में बड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा गया। अंदर घुसने पर रसोई का दरवाजा भीतर से बंद था, उसे भी तोड़ दिया गया। लेकिन तब तक डिप्टी मैनेजर पूरी तरह झुलस चुके थे।
किचन में रखे गैस सिलेंडर से लगातार आग निकल रही थी। अधिकारियों ने जान जोखिम में डालकर डिप्टी मैनेजर को बाहर निकाला और तत्काल क्षेत्रीय चिकित्सालय चरचा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कॉलरी (Chhurchha Colliery) क्षेत्र में सनसनी फैल गई। वहीं अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक क्षेत्रीय चिकित्सालय चरचा पहुंच गए।
चरचा माइंस के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय कुमार सिंह भी अस्पताल पहुंचे। मौके पर थाना प्रभारी आनंद सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्रीय चिकित्सालय (Regional hospital) पहुंची। एएसआई महानंदी, अमित त्रिपाठी एवं शशिभूषण ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रात में शव को अस्पताल की मरच्यूरी में सुरक्षित रखवा दिया। रविवार की सुबह पोस्टमार्टम कराया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र की रेस्क्यू टीम प्रभारी सुशील कुमार सिंह ने तत्काल फायर ब्रिगेड को रवाना किया। साथ ही प्रभारी सहयोगी सुनील कुमार वर्गीस के साथ अग्निशमन उपकरण लेकर निजी वाहन से घटनास्थल पहुंचे। तब तक डिप्टी मैनेजर को अस्पताल ले गए थे।
लेकिन घर के भीतर गैस सिलेंडर से आग (Fire in Gas cylinder) की तेज लपटें निकल रही थीं। आसपास रहने वाले परिवार भयभीत थे। रेस्क्यू प्रभारी और टीम घर के भीतर पहुंची। सिलेंडर की आग बुझाई और अत्यधिक गर्म हो चुके गैस सिलेंडर को बाहर निकालकर बड़े हादसे को टाल दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाके और भीषण गर्मी के कारण घर के भीतर लगे सिंथेटिक पर्दे कई स्थानों पर पिघल गए थे। कुछ सोफा कवर भी जल रहे थे। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि घर के दरवाजे बंद होने और सिलेंडर से लगातार गैस रिसने के कारण घर गैस चैंबर (Gas chamber) जैसा बन गया था। आग लगने के बाद गैस के संपर्क में आने पर विस्फोट हुआ। जिससे नंदन गंभीर रूप से झुलस गए।
घटना के समय मुख्य दरवाजा और रसोई का दरवाजा अंदर से बंद था। फिलहाल दोनों दरवाजे अंदर से बंद होने की पुलिस जांच करेगी। मृतक डिप्टी मैनेजर केबी नंदन वर्ष 2014 से चरचा कॉलरी में पदस्थ थे। बताया जाता है कि पिछले तीन वर्षों से अस्वस्थ चल रहे थे और नियमित रूप से ड्यूटी नहीं कर पा रहे थे।