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Kota Mahant Devanand Murder Case : हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में संत देवानंद महाराज को दी समाधि

कोटा के चन्द्रेसल मठ में संत की हत्या का मामला, हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

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Kota Mahant Devanand Murder

सवाई माधोपुर जिले के सूरवाल थाना क्षेत्र स्थित चाणक्य दह आश्रम में रविवार को संत देवानंद महाराज की पार्थिव देह को साधु-संतों और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में समाधि दी गई। समाधि से पूर्व उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में अनुयायियों ने भाग लिया। पार्थिव देह को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर आश्रम परिसर तक ले जाया गया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ उन्हें समाधि दी गई।

गौरतलब है कि कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित प्राचीन चंद्रेसल मठ के महंत संत देवानंद महाराज की शुक्रवार रात अज्ञात बदमाशों ने चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी थी। इस घटना से साधु-संत समाज और उनके अनुयायियों में गहरा आक्रोश है। हत्या की सूचना के बाद कोटा सहित सवाई माधोपुर क्षेत्र में शोक और रोष का माहौल व्याप्त हो गया।

संत देवानंद महाराज के अनुयायी खुशीराम ने कहा कि यदि हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार नहीं किया गया तो साधु-संत और ग्रामीण व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें एनकाउंटर या फांसी की सजा देने की मांग की। वहीं, संत देवानंद महाराज के भाई ने बताया कि वे मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा थाना क्षेत्र के रजमाना गांव के निवासी थे। कई वर्ष पूर्व उन्होंने गृहस्थ जीवन त्यागकर संन्यास धारण कर लिया था।

इसके बाद वे चाणक्य दह आश्रम के साथ कोटा स्थित चंद्रेसल मठ के महंत के रूप में सेवाएं दे रहे थे। हत्या के बाद कोटा स्थित मठ से जुड़े साधु-संत और श्रद्धालु न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे। इस दौरान प्रशासन के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें मामले की गहन जांच के लिए एसआइटी का गठन, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर दोषियों को कठोर दंड दिलाना, चाणक्य दह में महाराज की समाधि और स्मारक का निर्माण, जिला मुख्यालय पर उनके नाम से महाविद्यालय खोलना तथा रजमाना के राजकीय विद्यालय का नामकरण संत देवानंद महाराज के नाम पर करने की मांग शामिल है।