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न्याय नहीं मिला तो जान दे दूंगा’, कोटवार ने दी परिवार सहित CM हाउस के सामने आत्मदाह की धमकी

Chhattisgarh News: महासमुंद के पाटनदादर गांव में कोटवार भागीरथी चौहान ने जातिगत भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार के गंभीर आरोप लगाए हैं। धार्मिक आयोजन के दौरान अपमान और टिप्पणी का भी आरोप है।

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Chhattisgarh News(photo-patrika)

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पाटनदादर में कोटवार भागीरथी चौहान ने गांव के कुछ लोगों पर जातिगत भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि धार्मिक आयोजन के दौरान उनके द्वारा दिए गए सहयोग को स्वीकार नहीं किया गया, जिससे उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित होना पड़ा। आरोप है कि इस दौरान उन पर “अपनी औकात में रहने” जैसी आपत्तिजनक टिप्पणी भी की गई। मामले को लेकर ग्रामीणों में तनाव का माहौल है और पीड़ित ने प्रशासन से न्याय की मांग की है।

Chhattisgarh News: धार्मिक आयोजन में योगदान को लेकर विवाद

शिकायत के अनुसार, जुलाई 2024 में आयोजित हरीनाम कीर्तन यज्ञ के दौरान गांव में चंदा एकत्र किया जा रहा था। इसी दौरान भागीरथी चौहान ने 1000 रुपये नकद और पांच किलो चावल सहयोग स्वरूप देने की इच्छा जताई थी, लेकिन गांव के कुछ लोगों ने यह कहते हुए उनका योगदान लेने से इनकार कर दिया कि इससे “धर्म भ्रष्ट” हो जाएगा।

सार्वजनिक अपमान और बहिष्कार का आरोप

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि इसके बाद गांव के कुछ लोगों ने मिलकर उन्हें सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया। उनके अनुसार, खाप पंचायत जैसी व्यवस्था बनाकर उनके परिवार से बातचीत, आना-जाना और मजदूरी करने वालों पर भी दबाव बनाया गया।

पुलिस और प्रशासन को दी गई शिकायत

भागीरथी चौहान ने इस मामले की शिकायत पुलिस महानिरीक्षक, महासमुंद पुलिस अधीक्षक, राज्य अनुसूचित जाति आयोग और स्थानीय थाना पुलिस को दी है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत देने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी

पीड़ित ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मुख्यमंत्री निवास रायपुर के सामने आत्मदाह करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित दोषियों की होगी।