Baba Abhishek Mishra IIT Roorkee : IIT रुड़की से पासआउट अभिषेक मिश्रा उर्फ 'आदिकर्ता नारायण दास' कैसे बना फर्जी बाबा? मोक्ष और भक्ति के जाल में फंसाकर युवतियों के शोषण और ब्लैकमेलिंग की पूरी इनसाइड स्टोरी।
मथुरा : आश्रम वेब सीरीज वाले बाबा निराला का नाम तो हम सभी लोगों ने सुना है। उनके कारनामे भी देंखे हैं। लेकिन, वह एक ड्रामा था। लेकिन ऐसी ही असलियत मथुरा में सामने आई है। यहां बाबा निराला से भी खतरनाक IIT वाले बाबा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह बाबा भी प्रसाद के नाम पर युवतियों को नशीला पदार्थ दे देता था। उसके बाद युवतियों के साथ गलत काम करता था।
यह शख्स कोई साधारण बाबा नहीं था। उसका असली नाम अभिषेक मिश्रा है, जो देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है। पढ़ाई पूरी करने के बाद लाखों रुपये सालाना पैकेज वाली नौकरी करने वाला यह युवक अचानक आध्यात्मिकता की राह पर निकल पड़ा।
ओडिशा के भुवनेश्वर का रहने वाला अभिषेक मिश्रा वर्ष 2017 से 2021 के बीच आईआईटी रुड़की में पढ़ा। पढ़ाई के बाद उसे अच्छी नौकरी मिली, लेकिन कुछ समय बाद उसने नौकरी छोड़ दी और संन्यास का चोला ओढ़ लिया।
उसने अपना नाम बदलकर आदिकर्ता नारायण दास रख लिया और मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र में रहने लगा। सोशल मीडिया पर उसने राधा कृपा अमृत नाम से यूट्यूब चैनल शुरू किया। हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दिए जाने वाले उसके प्रवचन तेजी से लोकप्रिय होने लगे। पढ़े-लिखे युवा, खासकर इंजीनियरिंग और प्रोफेशनल पृष्ठभूमि के लोग, उसकी बातों से प्रभावित होने लगे। धीरे-धीरे उसके आसपास एक ऐसा समूह तैयार हो गया, जिसमें कई युवक और युवतियां शामिल थीं। पुलिस के अनुसार, यहीं से शुरू हुआ कथित शोषण का खेल।
जांच में सामने आया है कि अभिषेक कथित तौर पर युवतियों को आध्यात्मिक ज्ञान, मोक्ष और कृष्ण भक्ति का हवाला देकर अपने प्रभाव में लेता था। वह परिवार से दूरी बनाने और खुद को ईश्वर का विशेष प्रतिनिधि बताने जैसी बातें करता था।
पुलिस का आरोप है कि वह कुछ युवतियों को 'प्रसाद' के नाम पर नशीले पदार्थ देता, उन्हें बेहोश कर यौन शोषण करता और बाद में वीडियो तथा तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करता था। कई युवतियों से पैसे उगाहने के आरोप भी लगे हैं। बताया जा रहा है कि उसके प्रभाव में आकर कुछ युवतियां अपनी नौकरी और परिवार तक छोड़ चुकी थीं।
इस पूरे मामले का पर्दाफाश छत्तीसगढ़ की एक बीएससी नर्सिंग छात्रा की शिकायत के बाद हुआ। पीड़िता अपनी बहन से मिलने मथुरा आई थी, जो बाबा की कीर्तन मंडली से जुड़ी हुई थी। युवती का आरोप है कि उसे 'भगवान का प्रसाद' बताकर दूध पिलाया गया। इसके बाद वह बेहोश हो गई।
जब उसे होश आया तो उसकी हालत खराब थी और उसे अपने साथ गलत होने का संदेह हुआ। पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर उसे परिवार को नुकसान पहुंचाने और वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई।
कुछ समय तक डर और शर्म के कारण वह चुप रही, लेकिन लगातार दबाव और धमकियों के बाद उसने परिवार को पूरी बात बताई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने गोवर्धन क्षेत्र से अभिषेक मिश्रा को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस से कई आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि मामले में और भी पीड़िताएं सामने आ सकती हैं। जांच एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं।
आईआईटियन बाबा की मां ने उसे रो-रोकर समझाया। लेकिन वह नहीं माना और गलत रास्ते पर चल पड़ा। करीब 20 मिनट लंबे इस ऑडियो में अभिषेक की मां, जो एक सरकारी स्कूल की पूर्व प्रधानाध्यापिका बताई जाती हैं, बेटे को समझाती और रोती हुई सुनाई देती हैं। वह उससे बार-बार गलत रास्ता छोड़ने की अपील करती हैं।
मां कहती हैं कि उन्होंने बेटे को पढ़ाया-लिखाया, उसके लिए सपने देखे, लेकिन वह ऐसे रास्ते पर निकल गया जहां से केवल बर्बादी दिखाई देती है। दूसरी तरफ अभिषेक कथित तौर पर खुद को भगवान श्रीकृष्ण का अवतार बताता रहता है। बताया जाता है कि मां कुछ समय तक उसके साथ राधाकुंड में भी रहीं, लेकिन गतिविधियां संदिग्ध लगने पर वापस ओडिशा लौट गईं।