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डीडवाना-कुचामन को मिली मेडिकल शिक्षा की बड़ी सौगात, जिला अस्पताल बनेंगे पीजी प्रशिक्षण केंद्र

डीडवाना-कुचामन जिले के लोगों को बड़ी सौगात मिली है। तीन सौ बेड के कुचामन अस्पताल में 10 व डीडवाना अस्पताल में 7 पीजी सीटों का आवंटन किया गया है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को नया आयाम मिलेगा।

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300 बेड के कुचामन अस्पताल में 10 व डीडवाना अस्पताल में 7 पीजी सीटों का आवंटन

कुचामनसिटी. लंबे समय से बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य शिक्षा की प्रतीक्षा कर रहे डीडवाना-कुचामन जिले को बड़ी सौगात मिली है। राजस्थान सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के चयनित गैर-शिक्षण (नॉन-टीचिंग) जिला अस्पतालों को मेडिकल स्नातकोत्तर (पीजी) शिक्षा से जोडऩे की महत्वाकांक्षी योजना में कुचामन सिटी व डीडवाना के राजकीय जिला चिकित्सालय को भी शामिल किया है। इस निर्णय से कुचामन व डीडवाना जिला अस्पताल चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान बन जाएगा।

विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार 300 बेड क्षमता वाले कुचामन जिला चिकित्सालय को 10 पीजी व डीडवाना चिकित्सालय में 7 पीजी सीटों का आवंटन किया है। यहां मेडिकल स्नातकोत्तर विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं के साथ शैक्षणिक गतिविधियों का भी संचालन होगा। यह सौगात डीडवाना-कुचामन जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है।

प्रदेश के 13 जिला अस्पतालों में कुचामन -डीडवाना शामिल

सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और मजबूत स्वास्थ्य सेवा के उद्देश्य से प्रदेश के 13 जिला अस्पतालों का चयन किया है। इनमें कुचामन सिटी व डीडवाना के जिला अस्पतालों को भी शामिल किया है। 13 चयनित अस्पतालों में केकड़ी, किशनगढ़, कुचामन सिटी, हिंडौन सिटी, नवलगढ़, नाथद्वारा, शाहपुरा, गंगानगर, डीडवाना, राजसमंद, नीमकाथाना, लालसोट और कोटपूतली शामिल हैं।

इन अस्पतालों में मेडिकल स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए सीटों का आवंटन कर चिकित्सा शिक्षा का दायरा बढ़ाया जा रहा है। इससे बड़े मेडिकल कॉलेजों पर दबाव कम होगा और जिला स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।

चार प्रमुख विभागों में होंगे प्रशिक्षण पद

जारी स्वीकृति के अनुसार डीडवाना-कुचामन जिला चिकित्सालयों में कुचामन जिला चिकित्सालय में 10 विभागीय पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें मेडिसिन के 3 पद, पीडियाट्रिक्स (बाल रोग) के 3 पद, सर्जरी के 2 पद तथा प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग (ओबीजी) के 2 पद शामिल किए गए हैं। इसी प्रकार डीडवाना के जिला चिकित्सालय में मेडिसिन के 3 पद, एनेस्थीसिया के 2 पद, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग (ओबीजी) के 2 पद शामिल हैं।

स्थानीय विद्यार्थियों का सपना होगा साकार

अब तक मेडिकल स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। इससे ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों को आर्थिक तथा अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कुचामन में पीजी प्रशिक्षण सुविधा शुरू होने से कुचामन, डीडवाना, नागौर, मकराना, परबतसर, लाडनूं, जायल तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर प्रशिक्षण और शिक्षा का अवसर मिलेगा।

मिलेंगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल पीजी सीटों के आवंटन का मरीजों को लाभ मिलेगा। प्रशिक्षु चिकित्सकों, शिक्षण स्टाफ और विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढऩे से अस्पताल की कार्यक्षमता में सुधार होगा। गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार होगा तथा रेफरल मामलों में भी कमी आने की संभावना है।

क्षेत्र में उत्साह का माहौल

कुचामन को यह सौगात मिलने से चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों में उत्साह का माहौल है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस प्रकार जिला अस्पताल को पीजी शिक्षा से जोड़ा गया है, उसी प्रकार भविष्य में यहां मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में भी प्रयास होने चाहिए। ऐसा होने पर कुचामन पूरे क्षेत्र का प्रमुख चिकित्सा एवं शैक्षणिक केंद्र बन सकता है।