Ramesh Patra Arrested: टीएमसी नेता रमेश पात्रा को आज गिरफ्तार कर लिया गया है। क्या है पूरा मामला? आइए नज़र डालते हैं।
शुभेन्दु अधिकारी (Suvendu Adhikari) जब से पश्चिम बंगाल (West Bengal) के सीएम बने हैं, तभी से एक्शन मोड में हैं। टीएमसी (TMC) की सरकार के दौरान राज्य में भ्रष्टाचार काफी फैल गया था, जिस पर लगाम लगाने के लिए बीजेपी सरकार (BJP Government) ने सख्त रुख अपना रखा है। टीएमसी के कई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और अब एक और नेता को गिरफ्तार कर लिया गया है। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के जंगीपारा में आज टीएमसी के स्थानीय नेता रमेश पात्रा (Ramesh Patra) को पुलिस ने पकड़ लिया है।
पात्रा को करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि टीएमसी नेता ने अपने राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग करके धोखाधड़ी की। शिकायतकर्ता तन्मय बारुई ने बताया कि 'आद्रा-बिलासपुर सहकारी कृषि विकास समिति लिमिटेड' के साथ व्यापारिक गतिविधियों में शामिल होने के दौरान टीएमसी नेता पात्रा ने प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों के नाम का इस्तेमाल करके उन्हें विभिन्न सरकारी और प्रशासनिक फायदा दिलाने का वादा किया।
शिकायतकर्ता बारुई का आरोप है कि इन वादों के आधार पर पात्रा ने ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से लगभग 16 लाख रूपए और कई किस्तों में नकद 13 लाख रूपए प्राप्त किए। वादे के अनुसार जब पात्रा ने बारुई को कोई सरकारी और प्रशासनिक फायदा नहीं दिलवाया, तो उसने अपने पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए। इसके बाद टीएमसी नेता ने बारुई को धमकाना शुरू कर दिया। शिकायत के बाद जांगीपारा पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपों की पुष्टि करने वाले प्रारंभिक सबूतों के आधार पर ही पुलिस ने पात्रा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस धोखाधड़ी में कोई अन्य प्रभावशाली राजनीतिक नेता भी शामिल हैं।
टीएमसी की ओर से इस मामले पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि बीजेपी इस घटना को टीएमसी के भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का सबूत बता रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार के मामले में अब तक टीएमसी के कई नेता गिरफ्तार हो चुके हैं।