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यूरोप में नारायण मूर्ति को क्यों रहना पड़ा था 120 घंटे तक भूखा , जानिए पूरी कहानी

Know Why Narayan Murthy Had To Remain Hunger : इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति ने बताया है कि 50 साल पहले उन्हें भी 120 घंटे बाद भोजन मिला था। जानिए आखिर ऐसा क्यों हुआ था?

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Narayan Murthy : इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह 50 साल पहले जब यूरोप में यात्रा कर रहे थे तो वे 120 घंटे तक लगातार भूखे रहे थे। यह निश नामक स्थान की बात है जो बुल्गारिया और तत्कालीन यूगोस्लाविया और आज के सर्बिया के बीच सीमा पर स्थित एक शहर है।

नारायण मूर्ति (77) संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन द्वारा न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम की थीम थी-खाद्य सुरक्षा में उपलब्धियां: सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में भारत के कदम। मौका था भारतीय गैर सरकारी संगठन ‘अक्षय पात्र फाउंडेशन’ द्वारा चार अरबवीं थाली परोसे जाना।

सब्सिडी वाली अच्छी शिक्षा के कारण आज सक्षम
भारतीय अरबपति ने बताया कि यहां मौजूद अधिकतर भारतीयों और मुझे भारत सरकार से अच्छी गुणवत्ता वाली और अत्यधिक सब्सिडी वाली शिक्षा प्राप्त हुई है। इसलिए सभ्य लोगों के रूप में हमें अपने राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए और इन असहाय, गरीब बच्चों की भावी पीढ़ी को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने में मदद करनी चाहिए।

अक्षय पात्र फाउंडेशन की सराहना
इस मौके पर मूर्ति ने बैंगलूरु मुख्यालय वाले अक्षय पात्र फाउंडेशन के कामों की सराहना करते हुए कहा कि इसकी सफलता असहाय बच्चों के चेहरे पर मुस्कराहट लाने में छिपी है। अगर हमारे गरीब बच्चे हमारे समाज में भरोसा और उम्मीद खो देते हैं, तो वे हिंसा का मार्ग अपना सकते हैं। इस तरह हम अपनी वो सभी उपलब्धियां गंवा देंगे, जो कि हमने अभी तक हासिल की हैं।

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