Delhi Malviya Nagar Hotel Fire Cook Arrested: दिल्ली के मालवीय नगर होटल हादसे में पुलिस ने लापरवाही बरतने के आरोप में कुक को गिरफ्तार किया है। होटल मालिक लवकेश बजाज ने कबूला कि उसके पास फायर NOC नहीं थी और वह 6 की जगह 25 कमरे चला रहा था। मृतकों में 13 विदेशी हैं।
Delhi Hotel Fire : दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार को हुए भीषण होटल अग्निकांड में दिल्ली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए होटल के कुक (रसोइया) को गिरफ्तार कर लिया है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, यह दिल दहला देने वाला हादसा कुक की घोर लापरवाही के कारण ही हुआ था। इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले 21 लोगों में 13 विदेशी नागरिक भी शामिल थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, फॉरेंसिक और प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया है कि आग लगने की मुख्य वजह कुक की लापरवाही थी। पुलिस ने मामले में अब तक एक व्यक्ति (कुक) को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य व्यक्ति को पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा, जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने कई अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है, जिनसे लगातार पूछताछ जारी है।
आपको बता दें कि इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले 21 लोगों में से 13 विदेशी नागरिक शामिल हैं। पुलिस द्वारा मृतकों की पहचान किए जाने के बाद सामने आया कि इनमें नाइजीरिया के 4 और किर्गिस्तान के 3 नागरिकों की मौत हुई है। इसके अलावा मोजाम्बिक, लाइबेरिया, उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश और इराक के एक-एक नागरिक भी इस हादसे का शिकार बने हैं। बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों की मौत के बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
जांच में यह बेहद गंभीर बात सामने आई है कि होटल को दिल्ली सरकार की 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' नीति के तहत सिर्फ 6 कमरे संचालित करने की अनुमति मिली थी। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर मालिक इस इमारत में करीब 25 कमरे चला रहा था। हद तो तब हो गई जब सुरक्षा मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए होटल के बेसमेंट (तहखाने) में भी कमरे बना दिए गए थे, जहां क्षमता से अधिक मेहमानों को ठहराया गया था।
फिलहाल पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी इस बात की गहनता से जांच कर रहे हैं कि बिना फायर क्लीयरेंस और अवैध निर्माण के यह होटल इतने लंबे समय से कैसे चल रहा था और इसमें किन-किन अधिकारियों की मिलीभगत थी।