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Shraddha Walkar Murder Case: 35 टुकड़ों में मिली थी श्रद्धा की लाश, अब केस में गूगल और मेटा की गवाही पर कोर्ट का बड़ा फैसला

Shraddha Walkar Murder Case Update: श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड में दिल्ली की सेशंस कोर्ट ने गूगल, मेटा और बंबल के विदेशी अधिकारियों की वीडियो गवाही की अर्जी खारिज की। कोर्ट ने जुलाई 2025 के नए EE-VC नियमों के तहत नई अर्जी दाखिल करने को कहा है।

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श्रद्धा मर्डर केस में में गूगल और मेटा की गवाही पर कोर्ट का बड़ा फैसला

Shraddha Walkar Murder : देश को झकझोर कर रख देने वाले श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड की सुनवाई में एक नया और बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। दरअसल, साउथ दिल्ली की एक सेशंस कोर्ट ने मामले के मुख्य डिजिटल कड़ियों से जुड़े विदेशी गवाहों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही दर्ज कराने की अभियोजन पक्ष की मांग को फिलहाल खारिज कर दिया है। अभियोजन पक्ष अमेरिका और ब्रिटेन में मौजूद दिग्गज टेक कंपनियों गूगल, मेटा और डेटिंग ऐप बंबल के अधिकारियों की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराना चाहता था।

आपको बता दें कि इस मामले की सुनवाई करते हुए एडिशनल सेशन जज हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी ने इस मामले पर स्थिति साफ करते हुए कहा है कि अभियोजन पक्ष को इसके लिए नए सिरे से आवेदन दाखिल करने होंगे। अदालत ने इसके पीछे देश की कानूनी व्यवस्था में हुए बड़े बदलाव का हवाला दिया।अदालत ने रेखांकित किया कि जुलाई 2025 में देश में नए इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस एंड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (EE-VC) नियम लागू हो चुके हैं, जिन्होंने साल 2021 के पुराने नियमों की जगह ले ली है। चूंकि अब कानूनी ढांचा बदल चुका है, इसलिए पुराने नियमों के आधार पर दी गई अर्जियों पर आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।

नए नियमों से अभियोजन को मिल सकती है राहत

श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड में भले ही अदालत ने तकनीकी आधार पर मौजूदा अर्जी को खारिज कर दिया हो, लेकिन जुलाई 2025 से लागू नए EE-VC (Evidence Examination through Video Conferencing) नियम अभियोजन पक्ष के लिए राहत लेकर आए हैं। पहले 2021 के नियमों के तहत किसी भी विदेशी गवाह की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही दर्ज कराने के लिए आरोपी की सहमति अनिवार्य थी। इसी प्रावधान का हवाला देते हुए बचाव पक्ष लगातार वीडियो गवाही का विरोध कर रहा था और विदेशी गवाहों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश करने की मांग कर रहा था। हालांकि, नए नियमों में आरोपी की सहमति वाली इस शर्त को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, जिससे भविष्य में विदेशी गवाहों की वीडियो गवाही दर्ज कराने की प्रक्रिया अधिक आसान हो सकती है।

अदालत ने खुला रखा है रास्ता, सुनवाई जल्द होगी शुरू

अदालत ने अभियोजन पक्ष के लिए रास्ते बंद नहीं किए हैं। 1 जून को पारित अपने आदेश में सेशंस कोर्ट ने साफ कहा कि नई कानूनी व्यवस्था और मौजूदा नियमों के अनुरूप ताजा आवेदन तुरंत दाखिल किए जा सकते हैं, ताकि इस संवेदनशील मुकदमे की सुनवाई बिना किसी देरी के नए कानून के तहत आगे बढ़ सके। अदालत ने खुला रखा है रास्ता, सुनवाई जल्द होगी शुरूअदालत ने अभियोजन पक्ष के लिए रास्ते बंद नहीं किए हैं। 1 जून को पारित अपने आदेश में सेशंस कोर्ट ने साफ कहा कि नई कानूनी व्यवस्था और मौजूदा नियमों के अनुरूप ताजा आवेदन तुरंत दाखिल किए जा सकते हैं, ताकि इस संवेदनशील मुकदमे की सुनवाई बिना किसी देरी के नए कानून के तहत आगे बढ़ सके।

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि यह खौफनाक मामला मई 2022 का है, जब दिल्ली के महरौली इलाके में श्रद्धा वाल्कर की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि उसके लिव-इन पार्टनर आफताब अमीन पूनावाला ने आपसी विवाद के बाद श्रद्धा की गला घोंटकर हत्या की। इसके बाद शातिर दिमाग का इस्तेमाल करते हुए उसने शव के 35 टुकड़े किए, उन्हें फ्रीज में रखा और पकड़े जाने के डर से धीरे-धीरे दिल्ली के अलग-अलग जंगलों और सुनसान इलाकों में फेंक दिया था। पुलिस के लिए इस केस में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य (Data Evidence) बेहद अहम हैं।