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PATRIKA PODCAST : स्वयं को समझें

हर आदमी के जीने के कई धरातल होते हैं—आध्यात्मिक, सामाजिक, वैयक्तिक आदि। एक व्यक्ति किसी का पुत्र होता है तो किसी का पिता भी, भाई भी, चाचा भी, मामा भी।

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Gulab Kothari Articles : स्पंदन : जब बीज स्वयं की चिंता में लग जाएगा, क्या वह कभी जमीन में दब जाने को तैयार होगा? क्या वह कभी पेड़ बन पाएगा? इतनी-सी बात तो सब समझते हैं कि जब तक पेड़ पर आम नहीं लग जाते, गुठली के प्राण पेड़ में बहते रहते हैं। उसी से आम की नस्ल बनती है।