Bihar Politics: बिहार सरकार द्वारा सुरक्षा में कटौती के विरोध में RJD प्रमुख लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना स्थित अपने आवासों से सभी सरकारी सुरक्षा कर्मियों को वापस भेज दिया है। इसके तुरंत बाद, लाठी-डंडे लिए RJD के नाराज़ कार्यकर्ता राबड़ी देवी के आवास के बाहर पहरा देने के लिए तैनात हो गए हैं।
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में सरकारी सुरक्षा को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए पटना स्थित अपने आधिकारिक आवासों पर तैनात सभी सरकारी सुरक्षाकर्मियों को वापस लौटा दिया है। जैसे ही सरकारी सुरक्षाकर्मी परिसर छोड़कर रवाना हुए, वैसे ही हाथों में लाठियां और बांस के डंडे लिए सैकड़ों आरजेडी कार्यकर्ता राबड़ी आवास के बाहर जमा हो गए और उन्होंने पूरे परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद संभाल ली।
सुरक्षाकर्मियों के हटते ही महिला कार्यकर्ताओं सहित भारी संख्या में आरजेडी समर्थक राबड़ी देवी के आवास के सामने इकट्ठा हो गए और मुख्य गेट के बाहर मुस्तैदी से पहरा देने लगे। इस दौरान कार्यकर्ताओं में सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए एक आरजेडी कार्यकर्ता ने कहा, 'राबड़ी देवी जी को सुरक्षा प्रदान करना हमारा कर्तव्य है। लालू जी इस समय पटना में उपलब्ध नहीं हैं और तेजस्वी जी भी बाहर हैं। ऐसी स्थिति में हम अपने नेताओं को असुरक्षित नहीं छोड़ सकते। हम खुद उनकी पूरी देखभाल और सुरक्षा करेंगे।'
वहीं, मोर्चे पर डटी एक महिला कार्यकर्ता ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, 'अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। राज्य सरकार बार-बार हमारे नेताओं को नीचा दिखाने और उनका अपमान करने का काम कर रही है, जिसे हम किसी भी कीमत पर अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम अपने नेताओं की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं।'
इस पूरे घटनाक्रम पर आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि लालू परिवार ने संशोधित सुरक्षा व्यवस्था को स्वीकार करने से इनकार कर के एक बेहद साहसिक और स्वाभिमानी फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार जनसरोकार के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सुरक्षा और आवास जैसे हथकंडे अपना रही है, जो पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित है।
पार्टी प्रवक्ता ने आरोप लगाते हुए कहा, 'चाहे सुरक्षा का मामला हो या फिर सरकारी आवास का, हमारे पार्टी नेतृत्व को बार-बार अपमानित करने की कोशिश की जा रही है। हम इस तरह का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम सरकार को आगाह भी करना चाहते हैं कि अगर हमारे नेताओं को एक खरोंच भी आई, तो बिहार की जनता इसका पुरजोर विरोध करेगी और सड़क पर उतरेगी।'
दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राज्य सुरक्षा समिति की बैठक के बाद लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के सुरक्षा घेरे को कम करने का आदेश जारी हुआ। इसे आरजेडी इसलिए भी बड़ा मुद्दा बना रही है क्योंकि राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया गया है और उस बंगले को भाजपा के मंत्री को आवंटित कर दिया गया है।
लालू परिवार द्वारा सुरक्षाकर्मियों को वापस भेजे जाने और आरजेडी कार्यकर्ताओं के लाठी प्रदर्शन पर सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता ने लालू परिवार के इस कदम को महज एक राजनीतिक ढोंग करार दिया है। जेडीयू प्रवक्ता ने नीरज कुमार कहा, 'राबड़ी देवी जी को अगर सच में स्वाभिमानी की चिंता है, तो उन्हें सिर्फ सुरक्षाकर्मियों को लौटाने का नाटक नहीं करना चाहिए। उन्हें सरकार द्वारा मिला आलीशान सरकारी बंगला, तमाम सरकारी सुविधाएं, बुलेटप्रूफ गाड़ियां और कैबिनेट मंत्री के समकक्ष मिलने वाले अन्य सभी विशेषाधिकार भी तुरंत त्याग देने चाहिए।'