Prayagraj Vaishya Family Murder: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में वैश्य परिवार के 4 लोगों की निर्मम हत्या (Four People Killed) कर दी गई थी। अब इस हत्याकांड (Vaishya Family Murder Case) में बड़ा अपडेट सामने आया है, पूरी खबर पढ़िए…
Vaishya Family Murder Case Update: प्रयागराज के साउथ मलाका चौराहे के पास स्थित एक मकान में कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक की निर्मम हत्या हत्या कर दी गई थी। अब इस मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस ने शुरुआती जांच में अभिषेक को संपत्ति से बेदखल किए जाने और आर्थिक तंगी को मुख्य वजह बताया था, लेकिन पड़ोसियों ने इस थ्योरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वैश्य परिवार हत्याकांड में अभिषेक को संपत्ति से बेदखल किए जाने और आर्थिक तंगी से जूझने की थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में पुलिस ने संपत्ति संबंधी दस्तावेजों और पिता-पुत्र के बीच वास्तविक विवाद की गहराई तक पहुंचने की जांच तेज कर दी है। पड़ोसियों का कहना है कि अभिषेक कई वर्षों से उसी मकान में रह रहा था। वह घर के निचले हिस्से में स्थित दुकान से फ्लोर क्लीनर, टॉयलेट क्लीनर, लिक्विड डिटर्जेंट और अन्य घरेलू उत्पादों का कारोबार करता था।
स्थानीय लोगों के मुबाबिक, अभिषेक वर्षों से उसी घर में रहता था, जहां वारदात हुई है। उसका रोजाना परिवार के साथ मिलना-जुलना था। इसके अलावा वह उसी मकान के निचले हिस्से में दुकान चलाता था। ये सब तथ्य बेदखली की पुलिस थ्योरी से मेल नहीं खाते हैं।
पड़ोसियों का कहना है कि यदि अभिषेक को संपत्ति से बेदखल कर दिया गया था तो फिर वह उसी मकान में किस आधार पर रह रहा था? वह उसी घर में दुकान कैसे चला रहा था? परिवार में मतभेद जरूर थे, लेकिन अभिषेक के बेदखल होने की कोई सार्वजनिक चर्चा या घटना कभी सामने नहीं आई।
प्रयागराज के इस हत्याकांड में एक और अहम तथ्य सामने आया है कि करीब 15-20 वर्ष पहले वीरेंद्र वैश्य के बड़े बेटे अश्विनी ने परिवार की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह किया था। इसके बाद वीरेंद्र वैश्य ने अश्विनी को संपत्ति से बेदखल कर दिया था। पड़ोसियों को इस घटना की जानकारी है, लेकिन अभिषेक को बेदखल करने के मामले में ऐसी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। पड़ोसियों का कहना है कि कथित रूप से संपत्ति से बेदखल के बाद परिवार वालों ने मार्केट में अपनी दुकान चलाने की अनुमति क्यों गई?
अब पुलिस अभिषेक की आर्थिक स्थिति, लेन-देन, कर्ज की स्थिति और कारोबार के पूरे रिकॉर्ड की छानबीन कर रही है। जांच एजेंसियां संपत्ति के दस्तावेज, वसीयत या बेदखली संबंधी कोई लिखित प्रमाण खोज रही हैं। पड़ोसियों का बयान दर्ज कर लिया गया है, जिसमें उन्होंने अभिषेक के घर में रहने और दुकान चलाने की पुष्टि हुई है। पुलिस अब इस बात पर भी गौर कर रही है कि क्या संपत्ति विवाद के अलावा कोई अन्य वजह भी हो सकती है?