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1.60 करोड़ की लागत से बदलेगा रायपुर कलेक्ट्रेट का स्वरूप, कई विभाग होंगे शिफ्ट

Raipur News: 1.60 करोड़ की इस योजना से कलेक्ट्रेट परिसर का आधुनिकीकरण होगा और लंबे समय से चली आ रही जर्जर भवन की समस्या का समाधान होगा।

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डेढ़ करोड़ से रेनोवेट होंगे कलेक्ट्रेट के एक दर्जन विभाग (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@ हिमांशु शर्मा। Raipur Collectorate Renovation: अब कलेक्ट्रेट की कंपोजिट बिल्डिंग के साथ ही पुरानी तीन मंजिला बिल्डिंग को भी रेनोवेट किया जाएगा। इसके लिए लगभग डेढ़ करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है।

दरअसल कलेक्ट्रेट बिल्डिंग के सामने ही तीन मंजिला जर्जर बिल्डिंग है। इसका बाहरी हिस्सा लगभग जर्जर हो चुका है, वहीं कई दफ्तरों के खिड़की-दरवाजे भी सालों पुराने होने के कारण खराब हो गए हैं। इसलिए रेनोवेशन के दौरान कई दफ्तरों की खिड़की और दरवाजे भी बदले जाएंगे। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा इसे 1.60 करोड़ की लागत से रेनोवेट किया जाएगा। विभाग ने टेंडर निकालने के लिए फाइल भी आगे बढ़ा दी है।

अपर कलेक्टर से लेकर एक दर्जन विभाग के काम यहीं से

इस बिल्डिंग में वर्तमान में एडीएम से लेकर अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर समेत अन्य अधिकारी बैठते हैं। इसके साथ ही खाद्य विभाग, खनिज, आबकारी, सांख्यिकी एवं योजना, अंत्यावसायी विकास विभाग, आदिवासी विकास, समग्र शिक्षा सहित अन्य विभागों के दफ्तर भी संचालित हो रहे हैं। ग्राउंड फ्लोर पर एडीएम और अपर कलेक्टर राजस्व का कोर्ट भी लगता है। टाउन हाल की तरफ का हिस्सा इतना ज्यादा जर्जर हो चुका है कि छज्जा कई जगह से टूटकर गिर चुका है।

खिड़की-दरवाजे के साथ होगा रंग-रोगन

पीडब्ल्यूडी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस टेंडर में बिल्डिंग के चारों तरफ की बाहर एवं अंदर की दीवार, छत को ठीक किया जाएगा। साथ ही जहां-जहां जर्जर कमरे हैं उसे बनवाया जाएगा। खराब हो चुके कमरों की खिड़की और दरवाजों बदलेंगे। इसके अलावा रंग-रोगन व बिल्डिंग की छत पर पानी का जमाव नहीं हो इसके लिए शेड भी लगाया जाएगा। यहां बने शौचालय खराब हो चुके हैं, इनका भी रेनोवेशन किया जाएगा।

खाली कमरों में दूसरे विभाग होंगे शिफ्ट

पुरानी बिल्डिंग में फिलहाल तो सारे विभाग रहेंगे। लेकिन जैसे ही कंपोजिट बिल्डिंग बनकर तैयार होगी, अबकारी, खनिज, खाद्य समेत अन्य दफ्तर और अधिकारी नई बिल्डिंग में शिफ्ट होंगे। इसके कारण इस पुरानी बिल्डिंग के कई दफ्तर खाली हो जाएंगे। जानकारी के अनुसार फिर इस जगह शहर के अलग-अलग स्थान में मौजूद अन्य विभाग के दफ्तर दिए जाएंगे।

कुल मिलाकर, इस रेनोवेशन से रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर की जर्जर इमारत को नया जीवन मिलेगा और प्रशासनिक कामकाज की व्यवस्था और अधिक बेहतर व सुविधाजनक हो जाएगी। इस परियोजना से न सिर्फ भवन की स्थिति सुधरेगी, बल्कि विभिन्न विभागों के संचालन में भी सुधार आएगा और कर्मचारियों व आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।