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वाटर पार्क में गोता लगाते ही राजगढ़ का युवक हुआ घायल, दोस्त समझते रहे मजाक, इलाज के दौरान मौत

Swimming Pool Accident: युवक की मौत से गुस्साए परिजनों से पार्क में शव रख किया प्रदर्शन, भैसवामाता के युवक शाजापुर जिले के पनवड़ी के पार्क में गए थे नहाने।

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water park accident youth death after head injury (source-patrika)

Rajgarh Youth Dies After Injury: मध्यप्रदेश के राजगढ़ से हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, यहां वाटर पार्क में दोस्तों के साथ मस्ती करने गए एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक को वाटर पार्क में गोता लगाते वक्त सिर में चोट लगी थी और उसे गंभीर हालत में इंदौर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजनों ने वाटर पार्क पर शव रखकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया और फिर अधिकारियों की समझाईश के बाद नम आंखों से बेटे का अंतिम संस्कार किया।

गोता लगाते वक्त लगी चोट

भैसवामाता से दोस्तों के साथ 3 जून को मौज-मस्ती के लिए 22 वर्षीय युवक सुनील भिलाला शाजापुर जिले के पनवड़ी में वाटर पार्क गया था। पार्क में नहाने के दौरान गोता लगाते वक्त किसी वस्तु से टकराने से उसके सिर में चोट लग गई और वो घायल हो गया, वो स्वीमिंग पूल में अचेत पड़ा था, शुरुआत में दोस्तों को लगा कि सुनील मस्ती कर रहा है लेकिन जब थोड़ी देर तक कोई हलचल नहीं हुई तो दोस्तों ने तुरंत सुनील को बाहर निकाला और अस्पताल लेकर पहुंचे। सुनील की गंभीर हालत को देखते हुए उसे इंदौर रेफर किया गया था जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

गुस्साए परिजन शव लेकर वाटर पार्क पहुंचे

इंदौर में उपचार के दौरान सुनील की मौत के बाद परिजन का गुस्सा फूट पड़ा, परिजन शव लेकर सबसे पहले ड्रीम फन वैली वाटर पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने वाटर पार्क प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए और संचालक के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग की। हालांकि समझाइश के बाद परिजन व ग्रामीण मान गए और प्रदर्शन खत्म कर शव को भैंसवामाता गांव ले गए और उसका अंतिम संस्कार किया।

परिवार का लाडला था सुनील

मृतक के बड़े भाई रामबाबू भिलाला ने बताया कि सुनील अपने दो दोस्तों के साथ वाटर पार्क गया था। गोता लगाने के दौरान उसके सिर में गंभीर चोट लग गई, जिससे वह बेहोश हो गया। प्रारंभिक उपचार के बाद उसे शाजापुर से इंदौर रेफर किया गया, जहां कई दिनों तक इलाज चलने के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। परिजनों के अनुसार सुनील चार भाइयों में सबसे छोटा था और परिवार का सबसे लाडला सदस्य था। उसकी असमय मौत से माता-पिता सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।