Woman Withdraws Allegations: महिला ने पहले सिविल लाइन थाने में डिप्टी सीएम के पूर्व सचिव पर छेड़खानी, मारपीट और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे, लेकिन कुछ घंटों बाद ही वीडियो जारी कर यू-टर्न लेते हुए बोली- वो तो मेरे बड़े भाई के समान हैं।
Rewa Woman Statement: मध्यप्रदेश के रीवा में एक महिला के द्वारा डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला के निज सचिव रहे राजीव तिवारी पर छेड़छाड़ के आरोप लगाने से सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया। तरह-तरह की चर्चाएं जोर पकड़ने लगीं लेकिन कुछ ही घंटों बाद आरोप लगाने वाली महिला ने यू-टर्न ले लिया और राजीव तिवारी को खुद के बड़े भाई की तरह बता दिया। महिला ने ये भी कहा कि किसी तीसरे व्यक्ति के भ्रमित करने से उसने शिकायत दर्ज कराई थी। अब अपनी शिकायत वापस ले रही है। महिला ने अपनी ओर से लगाए गए सभी आरोपों को वापस ले लिया है।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के निज सचिव रहे राजीव तिवारी पर एक महिला ने छेड़खानी का आरोप लगाया था। महिला ने आरोप लगाते हुए बताया था कि भूमि से जुड़े एक मामले में राजीव ने उसे रीवा बुलाया और ढेकहा स्थित एक होटल में कमरा बुक कराया, साथ ही होटल में वह खुद पहुंच गए और उसके साथ छेड़खानी की। इस दौरान उसकी बहन भी साथ में थी। महिला के मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम के बाद वो उप मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास पर गई जहां पर निज सचिव राजीव तिवारी भी मौजूद था, भीड़ की वजह से वो इस बारे में बात नहीं कर पाई। महिला के मुताबिक इसके बाद राजीव फिर से अकेले में मिलने का दबाव बनाने लगे। जिसके चलते होटल से अपना सामान लेकर वह बस स्टैंड पहुंची और वहां से बस में सवार होकर चली गई। इस सनसनीखेज आरोप से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गईं और उक्त आडियो तेजी से वायरल होने लगा। राजनीतिक रूप से भी आरोप लगने लगे।
आरोप लगाने के कुछ घंटों बाद महिला का एक वीडियो फिर से वायरल हुआ है। इस वीडियो में महिला चेहरा ढंककर सामने आई और पूर्व के आरोपों को खारिज कर दिया। महिला ने कहा कि राजीव तिवारी उसके बड़े भाई जैसे हैं। वह करीब दस वर्षों से उन्हें जानती है। किसी तीसरे व्यक्ति के भ्रमित करने से उसने शिकायत दर्ज कराई थी। अब अपनी शिकायत वापस ले रही है। महिला ने अपनी ओर से लगाए गए सभी आरोपों को वापस ले लिया है। घटना 14 मई की बताई जा रही है, उस दौरान राजीव तिवारी उप मुख्यमंत्री शुक्ला के निज सचिव थे। बताया जा रहा है कि यह आरोप सामने आने के चलते कुछ दिन पहले ही उन्होंने हटा दिया गया था और अन्य स्टाफ को भी चेतावनी दी गई कि इस तरह की शिकायत आई तो सख्त कार्रवाई होगी। इस पूरे मामले में राजीव तिवारी का भी पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
पहले वायरल हुए आडियो में महिला यह आरोप लगाती सुनी गई कि रीवा के एसपी ऑफिस शिकायत लेकर गई तो मंत्री के निजी सचिव का नाम होने से वापस लौटा दिया और कहा कि इस तरह की शिकायत नहीं ली जाती। इसके बाद आईजी ऑफिस गई तो वहां पर गंभीरता से सुना गया और आवेदन की रिसीविंग भी दी गई। वहां से कहा गया था कि मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है इसलिए थाने को भी घटना बता दें। सिविल लाइन थाने पहुंचने पर एक महिला पुलिसकर्मी मिली और उसने मोबाइल छुड़ा लिया और मारपीट की। कुछ अन्य पुलिसकर्मियों ने वहां से बाहर निकलने में मदद भी की थी। अब महिला का कहना है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई, मैं भाजपा की कार्यकर्ता हूं। इसलिए पुलिस के लोग जानते हैं।