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Sitapur Storm: सीतापुर में आंधी-तूफान का कहर, पेड़ गिरने से दो मासूमों की दर्दनाक मौत, 23 गांवों की बिजली गुल

Sitapur News: सीतापुर में भीषण आंधी-तूफान और बारिश ने तबाही मचा दी। पेड़ गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए और कई गांवों की बिजली व्यवस्था ठप रही।

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आंधी-तूफान का कहर (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Sitapur Weather Update: बुधवार को देर शाम जिले में आए भीषण आंधी-तूफान और तेज बारिश ने भारी तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पेड़ गिरने और तेज हवाओं से हुए हादसों में दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो महिलाओं समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा आकाशीय बिजली गिरने से दो मवेशियों की भी मौत हो गई।

तेज तूफान के कारण कई गांवों की बिजली व्यवस्था घंटों बाधित रही। जगह-जगह पेड़ और बिजली के पोल गिरने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

आम तोड़ते समय हादसे का शिकार हुआ राहुल

पहली दर्दनाक घटना इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के राजेपुर गांव में हुई। बताया गया कि गांव निवासी 15 वर्षीय राहुल पुत्र मुनेन्द्र बुधवार शाम आम तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ा था। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज आंधी चलने लगी। तेज हवा के कारण पेड़ की भारी डाल टूटकर राहुल के ऊपर गिर गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। राहुल की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है।

छत से गिरकर घायल हुईं महिलाएं

राजेपुर गांव में ही तेज आंधी के दौरान एक और हादसा हुआ। 33 वर्षीय शमा बानो और 42 वर्षीय रजनी घर की छत पर सूख रहे कपड़े उतार रही थीं। तभी तेज हवाओं के झोंके से दोनों संतुलन खो बैठीं और छत से नीचे गिर गईं। दोनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

बरगद का पेड़ गिरने से मासूम ध्रुव की मौत

दूसरी बड़ी घटना रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के अटौरा गांव में हुई। यहां तेज आंधी के दौरान गांव के पास खड़ा विशाल बरगद का पेड़ अचानक भरभराकर गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में पांच वर्षीय ध्रुव आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में सात वर्षीय शोभित गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि शोभित का पैर टूट गया है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। ध्रुव की मौत से गांव में मातम पसर गया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते पुराने पेड़ों की कटाई या छंटाई कराई जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था।

जेल रोड पर गिरा पीपल का पेड़

भीषण तूफान का असर शहर क्षेत्र में भी देखने को मिला। शहर कोतवाली क्षेत्र के जेल रोड पर तेज हवा के कारण एक पुराना पीपल का पेड़ अचानक सड़क पर गिर पड़ा। उस समय सड़क से गुजर रहे 35 वर्षीय शिक्षक मयंक और साइकिल सवार बुजुर्ग अशोक पेड़ की चपेट में आ गए। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद कुछ देर तक सड़क पर यातायात भी बाधित रहा। बाद में नगर पालिका और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ हटवाया और यातायात बहाल कराया।

आकाशीय बिजली से दो मवेशियों की मौत

जिले के बिसवां और पिसावां क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने से दो मवेशियों की मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, अचानक तेज बारिश और बिजली कड़कने के दौरान मवेशी खुले स्थान पर बंधे थे। इसी दौरान उन पर बिजली गिर गई। मवेशियों की मौत से किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।

23 गांवों की बिजली रही ठप

तेज आंधी और बारिश के कारण कई जगह बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हो गए। पेड़ गिरने से बिजली लाइनें टूट गईं, जिसके चलते करीब 23 गांवों की बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही। गर्मी और उमस के बीच बिजली गुल होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विद्युत विभाग की टीमों ने देर शाम तक मरम्मत कार्य चलाकर अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

घटनाओं के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखाई दिया। एडीएम नीतीश कुमार सिंह ने बताया कि प्रभावित इलाकों में राजस्व विभाग की टीमों को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जनहानि और नुकसान का आकलन कराया जा रहा है तथा शासन की ओर से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर भवनों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही किसानों को भी मौसम खराब होने तक खेतों में काम न करने की चेतावनी दी गई है।

ग्रामीणों में दहशत का माहौल

लगातार बदलते मौसम और तेज तूफान की घटनाओं के बाद ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। कई गांवों में लोग देर रात तक जागते रहे। तेज हवाओं और बिजली कड़कने की आवाज से बच्चे और बुजुर्ग सहमे नजर आए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुराने और जर्जर पेड़ों की जल्द कटाई कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।

मातम में बदली खुशियां

बुधवार की शाम जहां कुछ लोग बारिश का आनंद ले रहे थे, वहीं कई परिवारों के लिए यह तूफान जिंदगीभर का दर्द बन गया। राहुल और ध्रुव की मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। गांवों में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस भीषण आंधी-तूफान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि प्राकृतिक आपदाएं पलभर में सब कुछ बदल सकती हैं।