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पाकिस्तान में आतंक का बढ़ता खतरा, मई में 128 हमले; सुरक्षाबलों की मौतों में 143% की बढ़ोतरी

Pakistan Security Situation: पाकिस्तान में आतंकियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मई में हुए 128 हमलों, आत्मघाती विस्फोटों और अपहरण की घटनाओं ने सरकार और सेना की चिंता बढ़ा दी है।

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मई 2026 में पाकिस्तान में आतंकी हमलों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। (File Photo- IANS)

Pakistan Terror Attack: आतंकवादियों को पालने पोसने वाले पाकिस्तान को अब यही आतंकी बर्बाद करने में जुटे हैं। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) द्वारा जारी मासिक आकलन के अनुसार, दो महीने के अपेक्षाकृत सुधार के बाद मई 2026 में पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति में तेजी से गिरावट दर्ज की गई।

पाकिस्तान के इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज की सुरक्षा रिपोर्ट के अनुसार मई में देश में 128 आतंकी हमले हुए, जबकि अप्रेल में इन हमलों की संख्या 101 थी। मई में हुए हमलों में 71 नागरिक, 68 सुरक्षाकर्मी और शांति समितियों के छह सदस्य मारे गए। जबकि 185 लोग घायल हुए।

पाकिस्तान सुरक्षा बलों के मौत के आकड़ों में 143 की बढ़ोतरी

पाकिस्तान में सुरक्षाबलों की मौत के आंकड़ों में 143 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। छह आत्मघाती हमले हुए और चार वाहन पर आधारित आत्मघाती विस्फोट। जबकि अप्रेल और मार्च माह में एक-एक आत्मघाती हमला ही पाकिस्तान में हुआ था।

पाकिस्तान में सबसे ज्यादा हमले बलूचिस्तान प्रांत में हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाया गया। यहां कुल 71 हमले दर्ज किए गए हैं। जबकि अप्रेल में 34 हमले हुए थे। इसके बाद खैबर पख्तूनख्वा में आतंकियों ने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों को निशाना बनाया है। मई में देशभर में दर्ज 54 अपहरणों में से 52 बलूचिस्तान में हुए, जिसे प्रांत में आतंकवादी समूहों की बढ़ती सक्रियता का संकेत बताया गया है।

पाकिस्तान सेना के सामने दोहरी चुनौती

पाकिस्तान में सुरक्षा मामलों के जानकारों के अनुसार सेना के सामने अब दोहरी चुनौती है। आतंकी संगठनों की बढ़ती ताकत को कम करना और बलूचिस्तान व खैबर पख्तूनख्वा में बिगड़ी सुरक्षा स्थिति को संभालना। फिलहाल पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के अपने आतंकरोधी अभियान में मई में 270 आतंकियों को मारने का दावा किया है, जबकि 15 को गिरफ्तार किया है।

पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज के मुताबिक, मई में आतंकी गतिविधियों में फिर से तेजी देखने को मिली। हमलों, मौतों, आत्मघाती विस्फोटों और अपहरण की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। इससे साफ है कि पाकिस्तान के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है, जिसके चलते सरकार और सेना के लिए चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं।