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Iran-US War: अमेरिका ने फिर किया ईरान पर हमला, रडार साइट्स को बनाया निशाना

US Attacks Iran: ईरान और अमेरिका के बीच सीज़फायर चल रहा है, लेकिन दोनों पक्षों की तरफ से बार-बार इसका उल्लंघन भी किया जा रहा है। ईरानी ड्रोन्स मार गिराने के बाद अमेरिका ने फिर ईरान पर हमला किया है।

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अमेरिका ने फिर किया ईरान पर हमला (File Photo)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच सीज़फायर के दौरान भी हमलों का सिलसिला जारी है। दोनों देशों की तरफ से लगातार सीज़फायर का उल्लंघन किया जा रहा है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) कह चुके हैं कि युद्ध खत्म हो चुका है, लेकिन ज़रूरत पड़ने पर इस तरह के हमले किए जा सकते हैं। अब एक बार फिर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है। अमेरिकी सेना ने ईरान में रडार साइट्स को निशाना बनाया है।

ईरान के ड्रोन्स को मार गिराया, फिर की जवाबी कार्रवाई

अमेरिकी सेना की CENTCOM यूनिट ने जानकारी दी कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में जहाजों की ओर चार ड्रोन्स दागे, जिन्हें उन्होंने मार गिराया। इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम आइलैंड (Qeshm Island) और दक्षिणी तट पर स्थित गोरुक (Goruk) में रडार साइट्स (Radar Sites) पर हमला किया।

सेल्फ डिफेंस में ईरानी आक्रामकता का जवाब देने के लिए तैयार

CENTCOM ने साफ कर दिया कि अमेरिकी सेनाएं सतर्क हैं। साथ ही यह भी बताया कि सेल्फ डिफेंस में अनुचित ईरानी आक्रामकता का जवाब देने के लिए वो तैयार हैं।

ईरान फिर कर सकता है मिडिल ईस्ट में हमले

अमेरिका के इस हमले के बाद ईरान के मिडिल ईस्ट में हमले करने का खतरा बढ़ गया है। कुवैत (Kuwait), संयुक्त अरब अमीरात - यूएई (United Arab Emirates - UAE) और बहरीन (Bahrain) जैसे देशों पर ईरानी हमले की संभावना है, क्योंकि पहले भी अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने इन देशों पर ड्रोन्स और मिसाइलों से एयरस्ट्राइक्स की है।

कब होगी दोनों देशों के बीच डील?

ईरान और अमेरिका के बीच डील अभी भी फाइनल नहीं हुई है, लेकिन इस विषय में बातचीत जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कह चुके हैं कि दोनों देशों के बीच जल्द ही डील हो सकती है। हालांकि उन्होंने अपनी टीम को इस बात के निर्देश भी दिए हैं कि ईरान से डील में कोई जल्दबाजी की ज़रूरत नहीं है। होर्मुज स्ट्रेट और ईरानी परमाणु प्रोग्राम जैसे मुद्दों पर अभी तक दोनों देशों में पूरी तरह से सहमति नहीं बन पाई है, जिस वजह से अभी तक दोनों देशों के बीच डील नहीं हुई है।