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अमरोहा में ‘घूसखोर पंडत’ वेब सीरीज पर बवाल, ब्राह्मण समाज ने दर्ज कराई शिकायत

Amroha News: अमरोहा में ‘घूसखोर पंडत’ वेब सीरीज के शीर्षक को लेकर विवाद गहराया, ब्राह्मण समाज ने धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए निर्माता, निर्देशक और ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

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अमरोहा में ‘घूसखोर पंडत’ वेब सीरीज पर बवाल..

Ghooskhore Pandit Web Series Controversy: अमरोहा जिले में ‘घूसखोर पंडत’ नामक वेब सीरीज को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ब्राह्मण समाज ने इस वेब सीरीज के शीर्षक को अपमानजनक बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। रविवार को ब्राह्मण सभा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने एकजुट होकर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई और इसे धार्मिक व जातिगत भावनाओं को आहत करने वाला करार दिया।

नगर कोतवाली पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष पं. पवन कौशिक और महामंत्री पं. मनु शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल नगर कोतवाली पहुंचा। वहां कोतवाल पंकज तोमर को लिखित तहरीर सौंपी गई। प्रतिनिध दल ने आरोप लगाया कि वेब सीरीज का शीर्षक समाज के एक विशेष वर्ग को निशाना बनाकर नकारात्मक छवि प्रस्तुत करता है, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।

नेटफ्लिक्स पर प्रसारण को लेकर आपत्ति

तहरीर में महामंत्री पं. मनु शर्मा एडवोकेट ने बताया कि नेटफ्लिक्स जैसे बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ‘घूसखोर पंडत’ नाम से वेब सीरीज का प्रसारण किया जाना ब्राह्मण समाज के लिए अपमानजनक है। उनका कहना है कि ‘पंडत’ जैसे सम्मानजनक शब्द को भ्रष्टाचार से जोड़कर प्रस्तुत करना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और समाज में गलत संदेश देता है।

निर्माता-निर्देशक और कलाकारों पर आरोप

शिकायत में नेटफ्लिक्स के साथ-साथ वेब सीरीज के निर्माता नीरज पांडे, निर्देशक रितेश शाह और अभिनेता मनोज बाजपेयी सहित अन्य अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है। आरोप लगाया गया है कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से एक पूरे समुदाय को नीचा दिखाने का प्रयास किया गया है, जो सामाजिक विद्वेष को बढ़ावा दे सकता है।

सामाजिक सौहार्द को खतरे की आशंका

ब्राह्मण सभा का कहना है कि इस तरह के शीर्षक और कथानक समाज में वैमनस्य पैदा कर सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन से मामले का संज्ञान लेते हुए उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी समुदाय की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ न हो।