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MP में सामान्य विधानसभा सीट को ‘एसटी आरक्षित’ करने का उठा मुद्दा, कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन

MP News: आदिवासी युवती से छेड़छाड़ का मामला पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि न्याय मांगने पहुंची पीड़िता को ही अपराधी बना दिया गया, जिससे आदिवासी समाज में भारी आक्रोश फैल गया।

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mp news jays demands to make chanderi assembly seat to ST category

jays demands to make chanderi assembly seat to ST category (फोटो- Patrika.com)

MP News: अशोकनगर में आदिवासी समाज की युवती के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने पीडि़ता पर ही मामला दर्ज कर दिया। इससे नाराज जय आदिवासी युवा शख्नित (जयस) संगठन ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। संगठन ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पैसे लेकर आरोपियों को संरक्षण दिया गया है। साथ ही चंदेरी विस को एसटी वर्ग के लिए आरक्षित करने की मांग की। जयस जिलाध्यक्ष कपूरसिंह रावत ने बताया कि 5 जनवरी को शाढौरा थाना क्षेत्र के ग्राम ककरुआ में एक आदिवासी युवती के साथ छेड़छाड़ की घटना हुई थी। जब पीडि़ता थाने पहुंची, तो थाना प्रभारी ने आरोपी पर एफआइआर दर्ज करने के बजाय, कथित तौर पर पैसे लेकर पीडि़ता के खिलाफ ही मामला दर्ज कर दिया।

चंदेरी विधानसभा सीट को एसटी के लिए आरक्षित करने की मांग

संगठन ने चेतावनी दी है कि थाना प्रभारी पर तत्काल कार्रवाई की जाए और पीडि़ता को न्याय दिया जाए। इसके साथ ही, ज्ञापन में चंदेरी विधानसभा सीट को लेकर बड़ी मांग उठाई गई है। संगठन का कहना है कि चंदेरी क्षेत्र में सहरिया जनजाति की बहुलता है, इसलिए इसे अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया जाना चाहिए। कले ट्रेट में गूंजे नारे: हाथों में ज्ञापन लेकर पहुंचे समाज के लोगों ने जमकर नारेबाजी की। साथ ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, डीजीपी और राष्ट्रीय जनजाति आयोग के अध्यक्ष के नाम 16 सूत्रीय मांग पत्र दिया। साथ ही मांगों को पूरी कराने की मांग की।

ये हैं संगठन की अन्य प्रमुख मांगें

  • जिले में भूमिहीन सहरिया आदिवासियों को रोजगार देने और पलायन रोकने कृषि भूमि के पट्टे दिए जाएं।
  • वर्ष 2003 से 2025 तक रिक्त पड़े सहरिया जनजाति के बैकलॉग पदों पर शीघ्र ही सीधी भर्ती की जाए।
  • शहरी क्षेत्र में सहरिया आदिवासियों को पीएम आवास योजना का लाभ मिले, चाहे उनके पास पट्टे हों या नहीं।
  • 60 प्रतिशत सहरिया महिलाओं का बंद पड़ा पोषण आहार भ़ाा फिर शुरू करें और उचित जांच हो। दबंगों द्वारा सहरिया समाज की जमीनों पर किए गए अवैध कठजों को मुक्त कराया जाए।
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