13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Somnath Story: क्यों घटता-बढ़ता है चांद? सोमनाथ की इस रहस्यमयी कथा में छिपा है राज

Chandra Dev Mystery: जानिए चंद्रमा के घटने-बढ़ने की पौराणिक कथा, दक्ष का श्राप, शिव का वरदान और सोमनाथ मंदिर से जुड़ा रहस्य। पढ़ें पूरी कहानी।

Google source verification
पूरी खबर सुनें
  • 170 से अधिक देशों पर नई टैरिफ दरें लागू
  • चीन पर सर्वाधिक 34% टैरिफ
  • भारत पर 27% पार्सलट्रिक टैरिफ
पूरी खबर सुनें
Somnath Story

Somnath Story: क्यों घटता-बढ़ता है चांद? जानिए रहस्यमयी कथा (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)

Somnath Story : हम बचपन से आसमान में चांद को कभी पूरा गोल तो कभी आधा देखते आए हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि खूबसूरती का प्रतीक माना जाने वाला यह चंद्रमा क्षय रोग (TB) का शिकार क्यों हुआ? इसके पीछे छिपी है बदले, श्राप और महादेव की असीम कृपा की एक ऐसी कहानी, जो आज भी गुजरात के समुद्र तट पर सोमनाथ के रूप में खड़ी है।

जब अहंकार ने बिगाड़ा चंद्रमा का भाग्य | Chandra Dev Mystery

पौराणिक कथाओं के अनुसार, चंद्रमा बेहद सुंदर थे। उनकी सुंदरता देख राजा दक्ष प्रजापति ने अपनी 27 पुत्रियों का विवाह उनके साथ कर दिया। शुरू में सब ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे चंद्रमा का झुकाव केवल एक पत्नी रोहिणी की तरफ बढ़ गया। वे बाकी 26 पत्नियों की अनदेखी करने लगे।

हद तो तब हो गई जब उन्होंने बाकी पत्नियों को महल से ही निकाल दिया। रोती-बिलखती बेटियां जब पिता दक्ष के पास पहुंचीं, तो दक्ष ने चंद्रमा को बहुत समझाया। पर सत्ता और सुंदरता के मद में चूर चंद्रमा ने उल्टा अपने ससुर का ही अपमान कर दिया।

दक्ष का भयानक श्राप: मिट जाएगी तुम्हारी चमक

गुस्से में आकर दक्ष प्रजापति ने चंद्रमा को श्राप दिया जिस सुंदरता पर तुम्हें इतना घमंड है, वह खत्म हो जाएगी। तुम्हें क्षय रोग (टीबी) होगा और तुम धीरे-धीरे चमक, तेज, आभा या शोभा से रहित होकर समाप्त हो जाओगे।

श्राप का असर तुरंत शुरू हुआ। चंद्रमा की चमक फीकी पड़ने लगी, उनका शरीर गलने लगा। तब उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ। ब्रह्मा जी की सलाह पर वे गुजरात के प्रभास क्षेत्र पहुंचे और वहां शिवलिंग की घोर तपस्या की।

महादेव का बीच का रास्ता: 'शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष' का जन्म

चंद्रमा की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए। चंद्रमा ने श्राप से मुक्ति मांगी, लेकिन महादेव ने कहा कि दक्ष का श्राप पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, पर उसका प्रभाव बदला जा सकता है।

शिव ने वरदान दिया

महीने के 15 दिन (कृष्ण पक्ष) तुम श्राप के कारण धीरे-धीरे घटोगे और अमावस्या को पूरी तरह छिप जाओगे।

अगले 15 दिन (शुक्ल पक्ष) मेरी कृपा से तुम फिर से बढ़ोगे और पूर्णिमा को अपनी पूरी चमक के साथ दुनिया को मोहित करोगे।

यही कारण है कि आज भी चंद्रमा का आकार घटता और बढ़ता रहता है। दक्ष की वे 27 बेटियां आज आसमान में 27 नक्षत्रों के रूप में जानी जाती हैं, जिनके साथ चंद्रमा हर महीने समय बिताते हैं।

Somnath Story: जहां चंद्रमा ने पाया जीवनदान

जिस स्थान पर चंद्रमा ने शिव की आराधना की, वहां उन्होंने सोने का एक भव्य मंदिर बनवाया। सोम यानी चंद्रमा और नाथ यानी भगवान, इसीलिए इसका नाम पड़ा सोमनाथ।

क्या आप जानते हैं?

प्रथम ज्योतिर्लिंग: सोमनाथ को पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। ऋग्वेद में भी इसका उल्लेख मिलता है।

पाप मुक्ति और पिंडदान: प्रभास क्षेत्र में त्रिवेणी संगम (हिरण, कपिला और सरस्वती नदी) है। माना जाता है कि यहां स्नान करने और श्राद्ध करने से चंद्रमा की तरह मनुष्य के पाप और कष्ट भी धुल जाते हैं।

बाण स्तंभ का रहस्य: मंदिर के प्रांगण में एक बाण स्तंभ है, जो बताता है कि सोमनाथ मंदिर से लेकर दक्षिणी ध्रुव (Antarctica) के बीच जमीन का एक भी टुकड़ा नहीं है। यह प्राचीन भारतीय विज्ञान का अद्भुत नमूना है।

आज भी सोमनाथ के तट पर जब पूर्णिमा का चांद चमकता है, तो वह महादेव के उस वरदान की गवाही देता है जिसने एक डूबते हुए सितारे को फिर से अमर कर दिया।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

अभी चर्चा में
(35 कमेंट्स)

User Avatar

आपकी राय

आपकी राय

क्या आपको लगता है कि यह टैरिफ भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा?

लव सोनकर

लव सोनकर

लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...


ट्रेंडिंग वीडियो

टिप्पणियाँ (0)

पत्रिका ने चुना

टिप्पणियाँ (0)

पत्रिका ने चुना
कोई टिप्पणी नहीं है। पहले टिप्पणी करने वाले बनें!