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Full Moon Energy Cleansing: पूर्णिमा की रात क्यों होती है खास? एनर्जी क्लींजिंग और इमोशनल हीलिंग का पूरा सच

Energy Cleansing on Full Moon: पूर्णिमा पर एनर्जी क्लींजिंग का असली मतलब जानिए। माइंडफुल रिफ्लेक्शन, इमोशनल रिलीज और मानसिक शांति पाने के आसान तरीके।

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भारत

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Manoj Vashisth

Jan 31, 2026

What Is Energy Cleansing on Full Moon

What Is Energy Cleansing on Full Moon : पूर्णिमा पर एनर्जी क्लींजिंग (फोटो सोर्स:greenappleactive.com)

Full Moon Energy Cleansing: पुराने जमाने से ही लोग मानते आए हैं कि पूर्णिमा का चांद कुछ खास लेकर आता है। गहरी भावनाएं, खुद को समझने का मौका, और वो सब छोड़ देने की हिम्मत जो अब काम का नहीं रहा। अलग-अलग संस्कृति और परंपराएं भी इस दिन को पुराने बोझ को उतारने और अपने अंदर संतुलन लाने का सबसे अच्छा वक्त मानती हैं। आज, जब लोग मेंटल क्लैरिटी और इमोशनल हेल्थ की तलाश में हैं, तो पूर्णिमा की रस्में और एनर्जी क्लींजिंग की बातें फिर से चलन में आ गई हैं।

पूर्णिमा की हीलिंग

असल में, पूर्णिमा के वक्त एनर्जी क्लींजिंग का मतलब है खुद के अंदर झांकना, अपनी फीलिंग्स को पहचानना, और फिर जानबूझकर उन चीजों को अलविदा कहना जो अब हमारे काम की नहीं हैं। इसके लिए सबसे सीधा तरीका है माइंडफुल रिफ्लेक्शन। कुछ लोग शांत बैठकर सोचते हैं, कुछ जर्नलिंग करते हैं, तो कुछ मेडिटेशन में डूब जाते हैं। आप अपनी उलझनों को लिख सकते हैं, उन्हें कागज पर उतारकर उसे फाड़ सकते हैं या फेंक सकते हैं। ये छोटा सा काम भी दिमाग को हल्का कर देता है।

पूर्णिमा रिफ्लेक्शन

कई लोग चांदनी में वक्त बिताना पसंद करते हैं। कभी बाहर जाकर, कभी बस खिड़की के पास बैठकर या अपनी पसंदीदा चीजें चांद की रोशनी में रखकर। इससे मन को एक अलग सी शांति महसूस होती है। इमोशनल बोझ उतारने के लिए गर्म पानी में नहाना, शॉवर लेना या खुद की थोड़ी देखभाल करना भी कमाल का असर दिखाता है। कुछ लोग नहाने के पानी में नमक या हर्ब्स भी डालते हैं। इससे एक तरह का जुड़ाव और सुकून मिलता है, चाहें आप इसे आध्यात्मिक मानें या न मानें।

साथ ही, सामान हटाना यानी अपने आस-पास से फालतू चीजें निकालना भी इस सफाई का हिस्सा है। कुल मिलाकर, ये सब सिर्फ रस्में नहीं हैं, असल में ये इरादे की बात है। चाहे आप इसे स्पिरिचुअल मानें या बस एक साइकोलॉजिकल रीसेट, ये पूरा प्रोसेस आत्म-समझ, इमोशनल फ्रीडम, और दिमाग को फिर से तरोताजा करने में मदद करता है।

जैसे-जैसे लोग अपनी सेहत और संतुलन की तरफ बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे पूर्णिमा एक मौका देती है रुकने का, खुद को देखने का, और आगे के लिए एक नया नजरिया अपनाने का।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।