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8 फीट लंबा, 286 किलो भारी…राम मंदिर की शोभा बढ़ाएगा पंचधातु धनुष, जानें खासियत

Ayodhya Ram Mandir News: अयोध्या में राम मंदिर को पंचधातु से निर्मित भव्य कोदंड प्राप्त हुआ है। सोना, चांदी, तांबा, जस्ता और लोहे से बने इस धनुष-बाण को उड़ीसा के शिल्पकारों ने तैयार किया।

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8 महीने में बना श्रीराम का भव्य धनुष-बाण

8 महीने में बना श्रीराम का भव्य धनुष-बाण Source- X

Ayodhya News: भगवान श्रीराम के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया पंचधातु का भव्य धनुष-बाण अब रामनगरी अयोध्या पहुंच चुका है। यह कोदंड उड़ीसा से अयोध्या लाया गया है और इसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को समर्पित किया गया है। रामभक्तों के लिए यह क्षण बेहद भावुक और ऐतिहासिक माना जा रहा है।

उड़ीसा से अयोध्या तक आस्था की यात्रा

पंचधातु का यह कोदंड केवल एक धातु से बना धनुष-बाण नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति, भक्ति और परंपरा का प्रतीक है। उड़ीसा के कुशल शिल्पकारों ने इसे 8 महीनों की मेहनत के बाद तैयार किया। इसके निर्माण के दौरान धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रीय नियमों का पूरा ध्यान रखा गया। इस कोदंड का वजन लगभग 286 किलोग्राम है और इसकी लंबाई करीब 8 फीट है। इसे पंचधातु से बनाया गया है, जिसमें सोना, चांदी, तांबा, जस्ता और लोहा शामिल हैं। पंचधातु को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है और इसका उपयोग देवी-देवताओं की मूर्तियों और धार्मिक वस्तुओं के निर्माण में किया जाता है।

40 कलाकारों की मेहनत का परिणाम

इस धनुष-बाण को तैयार करने में करीब 40 अनुभवी कलाकारों ने योगदान दिया। सभी कलाकारों ने पारंपरिक तकनीकों का इस्तेमाल किया और हर छोटे-बड़े हिस्से पर विशेष ध्यान दिया। धनुष और बाण पर की गई नक्काशी भगवान श्रीराम के शौर्य, मर्यादा और धर्म के प्रतीक को दर्शाती है।

राम मंदिर ट्रस्ट को समर्पण

अयोध्या पहुंचने के बाद इस पंचधातु कोदंड को राम मंदिर ट्रस्ट को सौंप दिया गया है। यह कोदंड मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनेगा। रामभक्तों का मानना है कि यह कोदंड राम मंदिर की आध्यात्मिक भव्यता को और बढ़ाएगा।

श्रद्धालुओं में उत्साह

पंचधातु कोदंड के अयोध्या पहुंचने की खबर से श्रद्धालुओं में खुशी की लहर है। लोग इसे भगवान श्रीराम की शक्ति, धर्म और सत्य के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं। यह कोदंड आने वाली पीढ़ियों के लिए सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर साबित होगा।