अयोध्या, Jun 08, 2026

यूपी STF का बड़ा एक्शन, 1.65 लाख के इनामी बदमाश भानु प्रताप सिंह ढेर, फोटो सोर्स- X (@uppstf)
Bhanu Pratap Singh Encounter Case Update:उत्तर प्रदेशस्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने प्रदेश के कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू को मुठभेड़ में मार गिराया है। इस कार्रवाई की पुष्टि खुद ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने की है। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ अयोध्या जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र में रविवार देर रात हुई।
भानु प्रताप सिंह लंबे समय से पुलिस की वांछित सूची में शामिल था और उसके खिलाफ हत्या, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, डकैती, रंगदारी समेत कई संगीन मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस के अनुसार, रविवार रात करीब 11 बजे STF के निरीक्षक जेपी राय ने महाराजगंज पुलिस को सूचना दी कि एमी घाट के पास बदमाशों से मुठभेड़ चल रही है और अतिरिक्त पुलिस बल की जरूरत है। सूचना मिलते ही महाराजगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहां पता चला कि मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों की STF टीम से आमने-सामने मुठभेड़ हो गई थी।
मुठभेड़ के दौरान हुई जवाबी फायरिंग में भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू को गोली लग गई। गोली लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस और STF की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
मुठभेड़ में घायल होने के बाद भानु प्रताप सिंह को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बुलवाई गई। हालांकि, समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके बाद STF के जवान ही उसे अपने वाहन से अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे दर्शननगर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
दर्शननगर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान भानु प्रताप सिंह की मौत हो गई। डॉक्टरों ने उपचार के दौरान उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर थी। मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के विखानपुर गांव का निवासी था। वह लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी, डकैती और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े करीब 40 मुकदमे विभिन्न जिलों में दर्ज बताए गए हैं।
भानु प्रताप सिंह की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस अधिकारियों द्वारा कुल 1.65 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
एडीजी वाराणसी जोन पियूष मोर्डिया द्वारा : 1,00,000 रुपये
डीआईजी अयोध्या सोमेन बर्मा द्वारा : 50,000 रुपये
एसएसपी अयोध्या डॉ. गौरव ग्रोवर द्वारा :15,000 रुपये
इन सभी इनामों को मिलाकर उस पर कुल 1.65 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भानु प्रताप सिंह एक हार्डकोर अपराधी था, जिसकी लंबे समय से तलाश की जा रही थी। वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था और पुलिस की गिरफ्त से बचता आ रहा था। चार जिलों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। उसकी आपराधिक गतिविधियों के चलते पूर्वांचल के कई जिलों में उसका आतंक माना जाता था।
मुठभेड़ के दौरान भानु प्रताप सिंह का एक साथी मौके से भाग निकलने में सफल रहा। पुलिस का कहना है कि उसकी पहचान कर ली गई है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल STF और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से उसकी तलाश में जुटी हुई हैं।
Published on: 08 Jun 2026 07:31 am

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