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घर में गूंजी बेटे की किलकारी, तो पिता ने पुरी की मन्नत…बागपत मंदिर में सिक्कों से तौलकर दिया हजारों का दान

उत्तर प्रदेश के बागपत में आस्था और भाई के प्रति प्रेम की अनोखी मिसाल देखने को मिली। अक्षय ने बेटे के जन्म पर संत रविदास मंदिर में बच्चे के वजन के बराबर राशि दान की।

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बागपत

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Anuj Singh

Feb 01, 2026

भाई की पुण्यतिथि पर हुआ बेटे का जन्म

भाई की पुण्यतिथि पर हुआ बेटे का जन्म Source- X

Baghpat News: बागपत के छपरौली थाना क्षेत्र के धंधान गांव के फल विक्रेता अक्षय और उनकी पत्नी सोनम ने पुत्र प्राप्ति के लिए संत शिरोमणि रविदास मंदिर में मन्नत मांगी थी। उन्होंने संकल्प लिया था कि अगर बेटा हुआ तो बच्चे के वजन के बराबर राशि मंदिर में दान करेंगे। रविवार को अक्षय अपनी पत्नी सोनम, पिता सहदेव और 4 महीने के बेटे रोहित को लेकर बड़ौत के इस मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में फूलों से सजा हुआ तराजू तैयार किया गया था।

एक पलड़े में बच्चा, दूसरे में सिक्के

मंदिर में खास इंतजाम किया गया। एक पलड़े पर मासूम रोहित को बैठाया गया। दूसरे पलड़े में धीरे-धीरे 5, 10, 20 और 100 रुपये के सिक्के और नोट डाले जाने लगे। पॉलिथीन की थैलियों में भर-भरकर सिक्के लाए गए थे। आसपास के लोग इस नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में जमा हो गए। बच्चे का वजन करीब 6 किलो निकला। वजन के हिसाब से ठीक 10 हजार रुपये की राशि तौली गई। अक्षय ने बिना किसी हिचकिचाहट के 10 हजार रुपये मंदिर के निर्माण कार्य के लिए दान कर दिए।

भाई की पुण्यतिथि पर बेटे का जन्म

यह मन्नत सिर्फ बेटे की प्राप्ति की नहीं थी, बल्कि इसमें एक भावुक कहानी भी जुड़ी है। अक्षय के छोटे भाई रोहित (उम्र 21 साल) की पिछले साल 6 अक्टूबर को लिवर की गंभीर बीमारी से मौत हो गई थी। उस समय रोहित की पत्नी गर्भवती थी। अक्षय ने संत रविदास जयंती पर मंदिर में मनोकामना मांगी। उन्होंने संकल्प लिया कि अगर पुत्र हुआ तो बेटे का नाम भी दिवंगत भाई रोहित के नाम पर रखेंगे और वजन के बराबर दान करेंगे। जिस दिन भाई रोहित की पुण्यतिथि का 11वां हवन था, ठीक उसी दिन अक्षय के घर बेटे ने जन्म लिया। अक्षय को लगा कि उनका भाई ही उनके पास लौट आया है। इसी वजह से बच्चे का नाम भी रोहित रखा गया।

परिवार की खुशी और आस्था

अक्षय का यह चौथा बच्चा है। इससे पहले उनके तीन बच्चे हो चुके हैं। परिवार ने मन्नत पूरी करके बहुत खुशी जाहिर की। मंदिर में यह पूरा कार्यक्रम भावुक माहौल में संपन्न हुआ। लोगों ने अक्षय के इस कदम की तारीफ की और कहा कि यह आस्था और भाई के प्रति प्रेम का जीता-जागता उदाहरण है। मंदिर में दान की यह राशि निर्माण कार्य में मदद करेगी।