
बजट तैयार करते शिक्षक।
रमाकांत दाधीच
जयपुर. टोंक जिले के शिक्षा विभाग के हजारों कर्मचारियों का बजट तैयार करने के लिए इन दिनों 10 शिक्षकों की एक टीम जुटी हुई है। बजट गणना को लेकर नवाचारी शिक्षक चतुर्भुज जाट ने एक एप तैयार किया है। इसके माध्यम से लाखों शिक्षकों के लिए बहुत ही आसान तरीके से बजट तैयार किया जा रहा है। टीम के मुखिया नवाचारी शिक्षक चतुर्भुज ने बताया कि पहले विभागीय बजट बनाना एक सिरदर्द था। सैकड़ों स्कूलों के आंकड़े इकट्ठा करना, उन्हें मिलाना और छोटी-छोटी गलतियों को ढूंढना, इन सब में महीनों लग जाते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं है। चौधरी ने खुद एक ऐसा ऐप बनाया जिसने इस मुश्किल काम को चुटकियों में आसान बना दिया।
साथियों को परेशान होते देखा तो बना डाला ऐप
यह कहानी सिर्फ एक ऐप की नहीं, बल्कि एक शिक्षक के जुनून और दूरदर्शिता की है। चतुर्भुज चौधरी ने देखा कि कैसे उनके साथी शिक्षक बजट की गणना करते समय घंटों माथापच्ची करते हैं। वे समझ गए कि अगर टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल किया जाए तो यह काम आसान हो सकता है। छुट्टियों के दिनों में और देर रात तक जागकर उन्होंने इस ऐप को विकसित किया। उन्होंने इसमें ऐसे फीचर्स डाले, जो न केवल गणना को आसान बनाते थे, बल्कि गलतियों की संभावना को भी कम करते थे। गौरतलब है कि शिक्षक चतुर्भुज जाट वर्तमान में टोंक जिले के राजकीय सी.सै. स्कूल चौगाई में तृतीय श्रेणी अध्यापक के रूप में कार्यरत हैं तथा इन दिनों लावा स्कूल में जिले के लिए विभाग का बजट तैयार करने में जुटे हैं।
दस-बारह जिलों में हो रहा नि:शुल्क उपयोग
पहले जो काम महिनों में पूरा होता था, वह अब इस ऐप के माध्यम से कुछ ही दिनों में हो रहा है। इनका ऐप प्रदेश के दस-बारह जिलों के शिक्षक और कर्मचारी भी अपने जिलों का बजट बनाने के लिए नि:शुल्क इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि एक शिक्षक का काम सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह अपने नवाचार से समाज में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
इसलिए तैयार किया ऐप
शिक्षक चतुर्भुज का कहना है कि पहले अत्यधिक शीट्स में डेटा फीडिंग करनी होती थी, लेकिन उन्होंने केवल एक ही शीट में सभी बजट हैड के डेटा फीडिंग करवाए। पहले अत्यधिक कैलकुलेशन, अब शून्य कैलकुलेशन के साथ शीट बनाई। अत्यधिक विवरण मांगते थे, लेकिन उन्होंने केवल दो शीट भरवाई जिससे ही सभी बजट हैड का बजट तैयार हो जाता है। पहले बजट बनाने में अत्यधिक परिश्रम करना होता, लेकिन इन्होंने ऐप से केवल आधे घंटे में बजट बनाना मुमकिन किया।
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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
Published on:
04 Sept 2025 11:26 pm
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