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भाजपा की पूर्व विधायक नहीं बेच सकी अपना धान, सुबह से धरने पर बैठी

भाजपा की सरकार में भाजपा की ही पूर्व विधायक अपना धान बेचने के लिए दिनभर खरीदी केन्द्र में बैठी रही, लेकिन उनका धान नहीं बिका। देर रात्रि तक पूर्व विधायक खरीदी केन्द्र में बैठी रही। शुक्रवार को धान खरीदी का अंतिम दिवस था, लेकिन समितियों में लिमिट कम होने से सभी बचे हुए किसानों को […]

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भाजपा की सरकार में भाजपा की ही पूर्व विधायक अपना धान बेचने के लिए दिनभर खरीदी केन्द्र में बैठी रही, लेकिन उनका धान नहीं बिका। देर रात्रि तक पूर्व विधायक खरीदी केन्द्र में बैठी रही।

भाजपा की सरकार में भाजपा की ही पूर्व विधायक अपना धान बेचने के लिए दिनभर खरीदी केन्द्र में बैठी रही, लेकिन उनका धान नहीं बिका। देर रात्रि तक पूर्व विधायक खरीदी केन्द्र में बैठी रही। शुक्रवार को धान खरीदी का अंतिम दिवस था, लेकिन समितियों में लिमिट कम होने से सभी बचे हुए किसानों को टोकन जारी नहीं किया गया। जिससे धान बेचने से बचे किसान भी समिति में अपना धान लेकर पहुंच गए।

समिति नहीं दे रही थी टोकन

सेवा सहकारी समिति अरमरीकला में संजारी बालोद की पूर्व महिला विधायक कुमारी बाई साहू भी अपना धान लेकर पहुंची। उन्होने बताया कि उनका कुल रकबा के हिसाब से 488 क्विंटल धान विक्रय होना है। एक टोकन कटा, तब 220 क्विंटल धान बिका, लगातार प्रयास के बाद भी उन्हें दूसरा टोकन नहीं मिला। टोकन के लिए समिति को कहा जा रहा था, समिति लिमिट कम होने का हवाला देकर टोकन नहीं दे रही थी।

समिति ने धान लेने से किया इनकार

शुक्रवार को धान खरीदी का अंतिम दिवस होने से वे अपना शेष 268 क्विंटल धान लेकर समिति पहुंची। समिति ने उनका धान लेने से यह कहकर इंकार कर दिया कि उनका टोकन नहीं कटा है जिससे पूर्व विधायक कुमारी बाई दिन भर अपना धान लेकर समिति में ही बैठी रही।

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जब तक धान नहीं खरीदेंगे तब तक धरना जारी रहेगा

कुमारी बाई के समिति में ही डटे रहने की सूचना प्राप्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वहां पहुंचे, वे कुमारी बाई को घर भेजने का हर तरीके से प्रयास करते रहे, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक टोकन जारी कर धान नहीं खरीदा जाता, तब तक वे समिति में ही बैठी रहेगी। वे रात्रि तक समिति में ही डटी रही।

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सुबह से समिति में बैठी हूं

उन्होंने कहा कि धान विक्रय के लिए सुबह से समिति में बैठी हूं। अपने ही धान के विक्रय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। हमने टोकन के लिए लगातार प्रयास किया, लेकिन लिमिट कम है कहकर टोकन नहीं दिया गया।

प्रबंधक बोले-लिमिट कम थी

समिति प्रबंधक यशवंत सार्वा ने कहा कि लिमिट कम थी। 19 जनवरी से टोकन जारी करना पूरी तरह बंद था। दो दिन के लिए प्रतिदिन 200-200 क्विंटल की लिमिट दी गई है। समिति में 40 किसानों का आवेदन टोकन के लिए प्राप्त हुआ है। समिति में 33 किसानों ने एक भी बार धान नहीं बेचा है। टोकन नहीं कटा है, इसलिए उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार धान खरीदी नहीं की जा रही है। शुक्रवार के कुल 9 किसान धान लेकर पहुंचे है, जिन्होंने टोकन नहीं कटवाया है।

लिमिट बढ़ाने की मांग की

गुरुर एसडीएम आरके सोनकर ने कहा लिमिट बढ़ाने की मांग किए है। कलेक्टर भी इसके लिए उच्च कार्यालय से लगातार प्रयास कर रही है।