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एसएसएलसी और पीयूसी मूल्यांकन शिक्षकों के लिए जियोटैग्ड फेस अटेंडेंस अनिवार्य

स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने एसएसएलसी SSLC (दसवीं) और द्वितीय पीयूसी PUC (बारहवीं) परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल शिक्षकों के लिए जियोटैग्ड फेशियल रिकग्निशन Geotagged facial recognition आधारित डिजिटल उपस्थिति प्रणाली लागू की है। इसका उद्देश्य प्रॉक्सी उपस्थिति पर रोक लगाना और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है। इसके लिए कर्तव्य ऐप […]

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जियोटैग्ड फेशियल रिकग्निशन आधारित डिजिटल उपस्थिति प्रणाली

file photo

स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने एसएसएलसी SSLC (दसवीं) और द्वितीय पीयूसी PUC (बारहवीं) परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल शिक्षकों के लिए जियोटैग्ड फेशियल रिकग्निशन Geotagged facial recognition आधारित डिजिटल उपस्थिति प्रणाली लागू की है। इसका उद्देश्य प्रॉक्सी उपस्थिति पर रोक लगाना और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है। इसके लिए कर्तव्य ऐप के उपयोग को अनिवार्य किया गया है।

प्रतिदिन दो बार उपस्थिति दर्ज करनी होगी

यह व्यवस्था कर्नाटक भर के 235 से अधिक मूल्यांकन केंद्रों पर लागू होगी। मूल्यांकन या प्रशिक्षण कार्य में तैनात सभी सरकारी स्कूल और पीयू कॉलेज शिक्षकों को मोबाइल फोन के माध्यम से प्रतिदिन दो बार उपस्थिति दर्ज करनी होगी। उपस्थिति प्रणाली में फेशियल रिकग्निशन और जियोफेंसिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे शिक्षक की पहचान और निर्धारित केंद्र पर उनकी मौजूदगी की पुष्टि हो सकेगी।

प्रशासनिक प्रक्रिया सरल होगी

स्कूल शिक्षा विभाग की अपर प्रधान सचिव रश्मि वी. महेश ने कहा कि इस प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट पहले गदग जिले में लागू किया गया था। सभी मूल्यांकन शिविरों में अब दैनिक उपस्थिति इसी प्रणाली से दर्ज की जाएगी। उपस्थिति को आधार-लिंक्ड डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर से जोडऩे से शिक्षकों को भुगतान में देरी कम होगी और प्रशासनिक प्रक्रिया सरल होगी। भविष्य में छात्रों के लिए भी फेशियल रिकग्निशन आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू करने पर विचार किया जा रहा है।